कूड़े के ढेर पर बसा है समस्तीपुर का ताजपुर, बाजार की हालत ज्यादा खराब

नगर परिषद के पदाधिकारी द्वारा जलजमाव की समस्या के निदान के लिए अस्पताल चौक के निकट सड़क किनारे कच्चा नाला खुदवा दिया गया था। लेकिन बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद भी आज तक न ही नाला का निर्माण हुआ और ना ही नाले को मिट्टी से ढंका गया।

Ajit KumarSat, 27 Nov 2021 09:12 AM (IST)
सफाई को लेकर ना ही लोगों में जागरूकता और ना ही अधिकारियों में दिख रही दिलचस्पी।

समस्तीपुर, जासं। नवसृजित नगर परिषद ताजपुर कूड़े के ढेर पर बसा है। बाजार की हालत ज्यादा खराब है। इस परिस्थिति में यह इंदौर जैसा शहर का मुकाबला कर ले, यह दूर-दूर तक प्रतीत नहीं होता। सफाई को लेकर लोगों में ना तो जागरूकता है ना ही अधिकारियों में ही इसके लिए कोई दिलचस्पी। सड़क से कूड़ा हटाए जाते हैं किंतु नगर परिषद क्षेत्र होने के बावजूद उसे समुचित ढंग से उठाकर बाहर नष्ट करने की प्रक्रिया न के बराबर है। दूसरी तरफ जिस स्थान पर कूड़ा-कर्कट को भेजा फेंका जाता है, वह ताजपुर बाजार का हृदयस्थली कहा जाने वाला नीम चौक के निकट स्थित जमुआरी नदी है। नदी के किनारे बाजार के सभी कूड़ा कर्कट को फेंका जाता है। वहीं पर आग लगा दी जाती है। इसके कारण काफी प्रदूषण और धुंआ हो जाता है।

आसपास के लोग उस प्रदूषण के कारण काफी परेशान नजर आते हैं। कई बार इसकी शिकायत नगर परिषद कार्यालय में की गई लेकिन उसका समुचित समाधान अब तक नहीं हो पाया। साफ सफाई कि जहां तक बात है, नगर परिषद के सफाई कर्मी के द्वारा ताजपुर के सिर्फ मुख्य बाजार की सफाई की जाती है। बाकी बाजार के लिंक रोड की साफ- सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। न ही नगर परिषद क्षेत्र के अन्य मोहल्ले में साफ-सफाई अभी तक प्रारंभ की गई है। मात्र ताजपुर बाजार राजधानी चौक से हॉस्पिटल चौक नीम चौक होते हुए थाना चौक और हॉस्पिटल चौक से थाना मोड़ तक साफ- सफाई की जाती है। बाकी गुदरी रोड, शंकर टॉकीज रोड, कर्बला पोखर रोड, डाक बंगला रोड, हसन बुक स्टोर रोड ऐसे मोहल्ले हैं जहां साफ-सफाई कभी नहीं की जाती। कर्बला पोखर रोड में कूड़ा का ढेर लगा हुआ है। लेकिन आज तक उसकी सफाई नहीं की गई। आने- जाने वाले लोग उस बदबू से परेशान रहते है। जबकि उसी रोड से मस्जिद में लोग नमाज पढ़ने जाते और मंदिर में पूजा करने।

जल जमाव की समस्या के निदान की नहीं हुई व्यवस्था

नगर परिषद के पदाधिकारी द्वारा जलजमाव की समस्या के निदान के लिए अस्पताल चौक के निकट सड़क किनारे कच्चा नाला खुदवा दिया गया था। लेकिन बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद भी आज तक न ही नाला का निर्माण हुआ और ना ही उस नाले को मिट्टी से ढका गया। जिस कारण आसपास के दुकानदारों को काफी परेशानी होती है। उस नाले पर दुकानदार बांस का चचरी बनाकर आवागमन हेतु लगा दिया हैं। उस पर से मोटरसाइकिल आ- जा नहीं सकता। नाले में ना तो पक्का नाला का निर्माण किया गया न ही उसे बंद किया गया। उस नाले के किनारे सड़क पर मिट्टी का ढेर लगा हुआ है। उस मिट्टी के ढेर के कारण सड़क संकीर्ण हो गई है। सड़क संकीर्ण होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। कई दुकानदारों ने तो बार-बार प्रशासनिक पदाधिकारी को इस बात से अवगत कराया। लेकिन कोई निदान नही निकल पाया है। दुकानदारों ने मांग की है कि या तो नाले को भरा जाए या फिर उसका निर्माण किया जाए। लेकिन अब तक उस पर कोई पहल नहीं की गई है। पिछले ही वर्ष थाना मोड़ से थाना चौक तक करीब 35 लाख की लागत से पक्का नाला का निर्माण किया गया था। लेकिन उस नाले से पानी निकलने के बजाय वापस आने लगा। कई बार इस नाले की शिकायत और जांच की मांग जिला पदाधिकारी से की गई। धरना प्रदर्शन भी किया गया लेकिन आज तक न उसकी जांच हो पाई न किसी पर कार्रवाई ही हुई है।

आवंटन के अभाव में नहीं हो रही साफ-सफाई 

नगर परिषद ताजपुर के कार्यपालक पदाधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि आवंटन के अभाव में अभी फिलहाल पूरे नगर परिषद क्षेत्र में साफ- सफाई नहीं हो पा रही है। लेकिन बाजार क्षेत्र में हमारे 60 सफाई कर्मी सड़क की साफ- सफाई कर रहे है। आवंटन उपलब्ध होते ही सभी शिकायतें दूर कर दी जाएगी। 

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