स्वाधार गृह मामला : ऑनलाइन अर्जी में देरी से ब्रजेश की रिमांड पर नहीं हो रही सुनवाई

स्वाधार गृह मामला : ऑनलाइन अर्जी में देरी से ब्रजेश की रिमांड पर नहीं हो रही सुनवाई
Publish Date:Thu, 01 Oct 2020 02:52 AM (IST) Author: Jagran

मुजफ्फरपुर। ऑनलाइन अर्जी दाखिल नहीं किए जाने से स्वाधार गृह मामले में ब्रजेश ठाकुर को न्यायिक रिमांड पर लेने की सुनवाई रुकी हुई है। यह अर्जी मामले के आइओ महिला थानाध्यक्ष को देनी थी। बालिका गृहकांड में ताउम्र कारावास की सजा काट रहा ब्रजेश इस समय तिहाड़ जेल में बंद है।

14 दिन पहले मिला था आदेश : स्वाधार गृह मामले में ब्रजेश ठाकुर को न्यायिक रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट ने 16 सितंबर को ही आदेश दिया था। कोरोना संक्रमण से ऑनलाइन अर्जी ही सुनवाई हो सकती है। 14 दिनों के बाद भी ऑनलाइन अर्जी दाखिल नहीं की गई। इतने संवेदनशील मामले में इस तरह की उदासीनता से कई सवाल उठ रहे हैं। मामले की आइओ इंस्पेक्टर नीरु कुमारी ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन से पहले केस के कागजात को अपडेट किया जा रहा है। इससे सुनवाई के दौरान बेहतर तरीके से पक्ष रखा जा सके। इसके पूरा होते ही जल्द ही ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा। सिटी एसपी राजेश कुमार ने बताया कि आइओ को इस मामले में शीघ्र ऑनलाइन आवेदन देने का निर्देश दिया गया है।

गलत धारा जोड़ने को दिया था आवेदन : इस कांड की पूर्व आइओ डॉ.विभा रानी ने कई गलत धारा जोड़ने की अर्जी विशेष कोर्ट में दी थी। वरीय अधिकारियों ने कई सुसंगत धारा जोड़ने का निर्देश दिया था। गलत अर्जी से मामले की सुनवाई में देरी हुई। वर्तमान आइओ उन सुसंगत धाराओं की सूची व साक्ष्य जुटा रही हैं, जिसे इस मामले में जोड़ने के लिए कोर्ट से अनुमति लेनी है।

ये है मामला : 2018 के जून में बालिका गृह मामला सामने आने के बाद ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ के माध्यम से संचालित कल्याणी चौक के निकट स्थित स्वाधार गृह से 11 महिलाएं व बच्चे गायब हो गए। जांच में स्वाधार गृह में ताला लटका मिला। बाल संरक्षण इकाई के तत्कालीन सहायक निदेशक दिवेश कुमार शर्मा ने महिला थाना में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

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