पूर्वी चंपारण में खुद की परवाह किए बगैर गांव-गांव लोगों को जागरूक कर रहे अमर

कोरोना संक्रमण से बचाव के ल‍िए गाइडलाइन का पालन जरूरी है। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

प्रतिदिन अकेले घर-घर घूमकर वे जहां मास्क का वितरण कर रहे हैं। वहीं लोगों को कोविड 19 जैसी महामारी से अपने और परिवार के बचाव के टिप्स भी दे रहे हैं। कोरोना संक्रमण से बचाव के ल‍िए गाइडलाइन का पालन जरूरी।

Dharmendra Kumar SinghSun, 16 May 2021 05:38 PM (IST)

पूर्वी चंपारण, जास। जान है तो जहान है। कोविड जैसी महामारी के दौर में हर तरफ आंतक मचा है। इस दौर में लोगों को सुरक्षित रहने का पाठ पढ़ा रहे है। सामाजिक शोध एवं विकास केंद्र के संस्थापक अध्यक्ष सह ख्याति प्राप्त सामाजिक कार्यकर्ता अमर जबसे करोना ने उग्र रूप लिया है, वे लोगों को जागरूक करने का जिम्मा उठा लिया है। अकेले पीठ पर रिलाइंस फाउंडेशन द्वारा प्रदत्त मास्क का बोरा इनके लिए बोझ नहीं, बल्कि लोगों के बचाव का एक जरिया बनता जा रहा है।

प्रतिदिन अकेले घर-घर घूमकर वे जहां मास्क का वितरण कर रहे हैं। वहीं लोगों को कोविड 19 जैसी महामारी से अपने और परिवार के बचाव के टिप्स भी दे रहे हैं। इनके इस अभियान का हिस्सा व्यक्ति, परिवार, समाज, वाहन चालक, दुकानदार से लेकर पुलिस पदाधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी समेत अन्य विभागीय लोग हैं। जिनको अब तक इस संकल्प से साथ लाभान्वित किया है कि वे अनिवार्य रूप से मास्क का प्रयोग करेंगे। इनके इस अभियान का नतीजा है कि लोग जाति, धर्म, संप्रदाय से ऊपर उठकर अपने व परिवार की सुरक्षा को लेकर सजग नजर आने लगे है। उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक मेहसी को भी अपना लक्ष्य बनाया। जहां अधिकांश लोग मास्क विहीन थे। उन्होंने बड़े पैमाने पर लोगों व पुलिसकर्मियों के बीच मास्क का वितरण किया। कहा कि पूरा विश्व इस वैश्विक महामारी से जूझ रहा है। न जाने यह किस रूप में किस पर आघात करेगी। इसलिए इससे बचाव व सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रत्येक व्यक्ति पर है।

कोविड प्रोटोकाल के पालन का नसीहत देते हुए उन्होंने सभी को मास्क के प्रयोग व शारीरिक दूरी के पालन अनिवार्य रूप से करने को कहा। कहा कि उनका यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कि लोग अपने सुरक्षा व बचाव को लेकर पूर्णत: सजग नहीं हो जाते। हम केवल सरकारी व्यवस्था पर निर्भर नहीं रह सकते, बल्कि उनके सुझाव का पालन भी हमारा कर्तव्य बनता है। इतना ही नहीं इस अभियान के साथ साथ उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर कोविड 19 के लहर से प्रभावित बिहार की जनता के जीवन रक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, संक्रमित लोगो के मरणोपरांत सम्मानजनक रूप से अंतिम संस्कार, मोक्षदायिनी गंगा को संक्रमित शवों के प्रवाह से मैली होने से बचाने, प्रवासी मजदूरों को उनके गृह क्षेत्र में रोजगार के अवसर मुहैया कराने जैसे विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए है।

अमर का कहना है कि उसे आधिकारिक स्तर पर मान लिया गया है और संबंधित विभाग को उसका अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। कोविड के कहर से बचाव हेतु जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक के नेतृत्व में उठाए गए सख्त व महत्वपूर्ण कदम का उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि लॉकडाउन को देखते हुए जन वितरण प्रणाली के माध्यम से शीघ्रता के साथ राशन आपूर्ति की दिशा में कदम उठाया जाए, ताकि जरूरतमंदों को उसका लाभ मिल सके। साथ ही राज्य स्तर पर सामाजिक, स्वैच्छिक, व्यवसायिक, युवा समूह, छात्र संगठनों, आपदा प्रबंधन समूह, एनजीओ और आई एनजीओ को एक छतरी के नीचे लाकर कोविड-19 के दूसरी और तीसरी लहर को रोकने की दिशा में इनका सहयोग सुनिश्चित किया जाए। ताकि जनभागीदारी से कोविड-19 पर काबू पाने में सफलता पाया जा सके। 

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