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Muzaffraupr News: कुशल प्रशासक थे शिवदास पांडेय, शहर के विकास में उनका रहा महत्वपूर्ण योगदान

Muzaffraupr News: कुशल प्रशासक थे शिवदास पांडेय, शहर के विकास में उनका रहा महत्वपूर्ण योगदान
Publish Date:Mon, 13 Jul 2020 02:06 AM (IST) Author:

मुजफ्फरपुर, जेएनएन। कवि हृदय शिवदास पांडेय कुशल प्रशासक भी थे। उन्होंने वर्ष 1973- 75 में मुजफ्फरपुर नगरपालिका की कुर्सी संभाली थी। उस समय नगरपालिका के चेयरमैन पूर्व मंत्री रघुनाथ पांडेय थे। मुजफ्फरपुर नगरपालिका वर्ष 1980 में नगर निगम में तब्दील हो गया। उन्होंने एक बार फिर वर्ष 1985 से 1988 तक नगर निगम के प्रशासक की कुर्सी संभाली। शहर के साथ नगर निगम के विकास में विशेष योगदान दिया। प्रशासक की कुर्सी संभालने के बाद उन्होंने सिकंदरपुर मन को नौका विहार के रूप में विकसित किया था। नौका बिहार शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र था।

कठोर प्रशासक के रूप पहचान

नगर निगम के प्रधान सहायक अशेाक कुमार सिंह बताते हैं कि उनकी पहचान कठोर प्रशासक के रूप में थी। लेकिन कर्मचारियों के साथ उनके रिश्ते दोस्ताना थे। काम के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं करते थे। उनके निधन की सूचना पर नगर निगम के कर्मचारियों में शोक की लहर फैल गई। बिहार लोकल बॉडिज इम्पलाइज फेडरेशन के महामंत्री अशोक कुमार सिंह, नगर निगम कर्मचारी संघ के संरक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव, अध्यक्ष सुशील कुमार, मंत्री सत्येंद्र कुमार सिंह, नगर निगम कामगार यूनियन के नेता अशोक कुमार राय, रमेश ओझा समेत अन्य ने गहरा शोक व्यक्त किया।

 साहित्यकारों व बुद्धिजीवियों ने गहरा शोक जताया

राजद के प्रदेश प्रवक्ता इकबाल मोहम्मद शमी ने कहा शिवदास पांडेय के साथ उनका पारिवारिक रिश्ता था। उनके निधन से उन्होंने अपने परिवार का सदस्य खो दिया है। महापौर सुरेश कुमार, उपमहापौर मानमर्दन शुक्ला, वार्ड पार्षद संजय केजरीवाल, राजीव कुमार पंकू, गार्गी सिंह आदि ने उनके निधन पर शोक जताया है। डॉ. शिवदास पांडेय के निधन पर शोक साहित्यकार डॉ शिवदास पाडेय के निधन पर प्रखंड के साहित्यकारों व बुद्धिजीवियों ने गहरा शोक जताया है। नूतन साहित्यकार परिषद के अध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह चंद्र ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जिले व प्रदेश ने एक धरोहर खो दिया है। शिक्षाविद डॉ एके दास, कारी साहु, स्वराजलाल ठाकुर,साहित्यकार अभिषेक अंजुम,केशव चौबे, प्रिंस कुमार आजाद आदि ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की है।

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