त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने में समस्तीपुर का स्वास्थ्य विभाग नाकाम

दुर्गा पूजा के अवसर पर 15 दुकानों से लिये गए सैंपल को जांच के लिए पटना भेजा खोआ मिठाई व तेल के सात सैंपल हो गए फेल। पिक एड चूज नीति पर काम कर रहा महकमा। इस वर्ष जनवरी से अब तक अलग-अलग दुकानों से 188 सैंपल लिया गया था।

Ajit KumarWed, 27 Oct 2021 07:14 AM (IST)
त्योहारों में खाद्य उत्पादों की सैंपलिंग जरूरी, नियमित रूप से भी चलने चाहिए अभियान।

समस्तीपुर, जागरण संवाददाता। शहर में नवरात्र से ही त्योहारी सीजन शुरू हो जाता है। अब दीपावली, गोवर्धन, भैया दूज और छठ महापर्व का त्योहार मनाया जाना है। त्योहारों के मद्देनजर क्षेत्र में नकली पनीर, सिंथेटिक दूध व मावा की मांग बढ़ गई है, क्योंकि त्योहारों में नकली मावा व पनीर और घी की खपत बढ़ जाती है। शहर हो या गांव, दूध की कितनी भी कमी हो जाए लेकिन मावा के नाम पर आपको कई किलो नकली मावा हमेशा उपलब्ध हो जाता है। मांग को बढ़ता देख शहर के दुकानदार मिलावटी खाद्य पदार्थ बना रहे हैं, जो कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ है। वहीं खाद्य विभाग इन मिलवाटखोरों पर शिकंजा कसने में नाकाम साबित हो रहा है। चूंकि स्वास्थ्य विभाग की फूड सेफ्टी टीम सप्ताह में एक ही दिन सैंपलिग कर रही है और वह भी पिक एड चूज नीति के साथ। 

बेशक विभाग के उच्चाधिकारियों की तरफ से लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर विशेष नजर रखने के आदेश दिए गए, वहीं ज्यादा से ज्यादा खाद्य पदार्थों की चेकिंग कर उनकी सैंपलिंग करने के आदेश विभाग ने जारी किए हैं। लेकिन विभाग मासिक तय लक्ष्य अनुसार ही सैंपलिंग कर रहा है। वहीं सैंपलिंग की रिपोर्ट फेस्टिवल सीजन बीत जाने के बाद आती है। ऐसे में विभाग इन सब स्टैंडर्ड खाने पीने की चीजों की सैंपलिंग करने व उनकी जांच रिपोर्ट लेकर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार जिले में इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक अलग-अलग दुकानों से 188 सैंपल लिया गया था। इसमें से दुर्गा पूजा के अवसर पर 15 दुकानों से सैंपल लिया गया था। जिसे जांच के लिए पटना स्थित लैब भेजा गया। इसमें से अधिकतर का रिपोर्ट अभी तक पेंडिंग है। जबकि सात सैंपल फेल हो गए। इसमें सबसे अधिक खोआ, तेल व मिठाई का सैंपल लिया गया था।

सभी दुकानों से नहीं ली जाती सैंपल

साफ है कि कहीं न कहीं व्यापारी इन त्योहारों का फायदा उठाने का पूरा प्रयास करते हैं। सरकार को चाहिए कि वह खाद्य सुरक्षा विभाग को नियमित सैंपलिंग के लिए निर्देशित करें। सैंपलिंग में पिक एंड चूज की नीति न अपनाते हुए सभी दुकानों से सैंपल लिए जाएं ताकि कोई विभाग पर अंगुली न उठा सके। व्यापारियों को भी चाहिए कि वे आमजन की सेहत का ध्यान रखते हुए उन्हें गुणवत्तापूर्ण मिठाई व अन्य खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सुनिश्चित करें। इससे त्योहार व्यापारी और खरीददार, दोनों के लिए शुभ रहेगा।

खाद्य पदार्थ बेचने के लिए लाइसेंस बनवाना जरूरी

खाद्य निरीक्षक तपेश्वरी प्रसाद सिंह ने बताया कि त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है। इन दिनों मिलावट खोर भी सतर्क हो जाते हैं। मिलावट को रोकने के लिए विभाग की तरफ से सैंपल लिए जा रहे है। इस दौरान मिठाई बनाने वाले दुकानदारों के लाइसेंस भी देखे जाएंगे, अगर लाइसेंस नहीं बनवाया हुआ है तो विभागीय कार्रवाई होगी। खाद्य पदार्थ बेचने के लिए लाइसेंस बनवाना जरूरी है। 

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