समस्तीपुर में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर टूटीं सड़कें, आवागमन में परेशानी

दरभंगा प्रमंडल से समस्तीपुर होकर राजधानी पटना दरभंगा हवाई अड्डा आवाजाही करने वाले यात्रियों को ग्रामीण सड़क का ही सहारा रहता है। सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर दर्जनों गांव के लोगों ने अविलंब इस सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।

Ajit KumarThu, 23 Sep 2021 08:35 AM (IST)
इसकी वजह से रोज हो रहे हादसे। फोटो- जागरण

समस्तीपुर, जागरण संवाददाता। कल्याणपुर चौक दुर्गा मंदिर से होकर गुजरने वाली मुख्य सड़क के खजूरी पोखर के समीप अत्यधिक बारिश होने से आधा से ज्यादा दोनों तरफ की सड़क टूट चुकी है। यह बड़े हादसे को सबब दे रही है। बता दें कि स्टेट हाईवे 50 समस्तीपुर- दरभंगा में सड़क जाम होने पर अधिकतर लोग दरभंगा ,समस्तीपुर से आने-जाने में मुक्तापुर, लक्ष्मीनिया चौक से केशोपटी छठियारी पोखर खजूरी मंजिल मुबारक, अजना फुलहरा होते हुए कल्याणपुर चौक स्थित दुर्गा मंदिर मुख्य सड़क पर पहुंचते हैं। दरभंगा प्रमंडल से समस्तीपुर होकर राजधानी पटना, दरभंगा हवाई अड्डा आवाजाही करने वाले यात्रियों को ग्रामीण सड़क का ही सहारा रहता है। सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर दर्जनों गांव के लोगों ने जिला प्रशासन सहित स्थानीय विधायक सह विधानसभा उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अविलंब इस सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।

कल्याणपुर में मात्र दो उच्च विद्यालयों में है प्रधानाध्यापक

कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत पंचायतों में अवस्थित उच्च विद्यालय और उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में वर्षों से प्रधानाध्यापक एवं विषयवार शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। यह शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है। कहने को तो सभी पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय हैं, पर प्रधानाध्यापक के नाम पर मात्र दो विद्यालयों में ही पदस्थापित हैं। सुन्दर उच्च विद्यालय मुक्तापुर जो जिला मुख्यालय से सटा है, वहां भी प्रभारी प्रधानाध्यापक के भरोसे विद्यालय का कार्य संपादित हो रहा है। प्रखंड मुख्यालय स्थित कल्याणपुर माध्यमिक विद्यालय सहित कृष्ण देव उच्चतर विद्यालय मालीनगर, बघला, उच्च माध्यमिक विद्यालय बरहेता, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय खजूरी, जखड़ा, मोड़वारा के साथ बालिका अति पिछड़ा उच्चतर विद्यालय कल्याणपुर ध्रुवगामा में वर्षों से प्रधानाध्यापक का पद रिक्त पड़ा हुआ है। प्रभारी प्रधानाध्यापक के भरोसे विद्यालय के कार्यों का संपादन किया जा रहा है। इतना ही नहीं विषयवार शिक्षकों की भी कमी है। दूसरी तरफ उच्च विद्यालय वीरसिंहपुर, मुक्तापुर, जितवरिया, ध्रुवगामा को छोड़ किसी भी उच्च या उत्क्रमित उच्च विद्यालय में 5 शिक्षक भी नहीं हैं। जबकि हर साल हजारों छात्र- छात्राएं मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण हो रही हैं। इंटर की परीक्षा भी पास कर रहे हैं। लेकिन पढाने के लिए शिक्षक तक नहीं है। इससे शिक्षा व्यवस्था की स्थिति कैसी है, इससे समझा जा सकता है। 

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