West Champaran: ट्रेनों में अवैध वेंडरों से कोरोना के संक्रमण का खतरा, सतर्कता बेहद जरूरी

कोरोना काल में ट्रेनों में अवैध ढ़ंग से चढऩे वाले वेंडरों से संक्रमण का खतरा बना रहता है। इस बारे में स्टेशन अधीक्षक ऐ हक का कहना है कि ट्रेन में अवैध वेंडरों पर कार्रवाई के लिए जीआरपी की तैनाती की जाती है।

Dharmendra Kumar SinghTue, 15 Jun 2021 04:09 PM (IST)
अवैध वेंडर ट्रेनों नहीं करते गाइडलाइन का पालन। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पश्चिम चंपारण, जासं। ट्रेनों में बेखौफ तरीके से घूमने वाले अवैध वेडरों को लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। कुछ ट्रेनों के परिचाल शुरू होते है अवैध वेंडर मेेंं सक्रिय हो गए हैं। बता दें कि लॉकडाउन के कारण सप्तक्रांति समेत कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन हो रहा है। अब हरिनगर-नरकटियांगज रेलखंड पर गोरखपुर से नरकटियांगज तक डाउन 05096 व नरकटियागंज से गोरखपुर तक अप 05095 पैसेंजर का संचालन हो रहा है। इन सभी ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री कोरोना को लेकर सजगता बरतते हैं। पर, इसमें अवैध ढ़ंग से चढऩे वाले वेंडरों से संक्रमण का खतरा बना रहता है। इस बारे में स्टेशन अधीक्षक ऐ हक का कहना है कि ट्रेन में अवैध वेंडरों के लिए जीआरपी की तैनाती की जाती है। जो इन पर कार्रवाई भी करते हैं।

संक्रमण कम होते ही ऑटो चालक करने लगे मनमानी

कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन में लोग घरों से कम ही निकलते थे। जिसके कारण टेंपो व ऑटो चालकों को पैसेंजर हीं नहीं मिलते थे। पर, इसमें छूट मिलते ही लोगों की आवाजही बढ़ गई है। जिससे कारण इसके चालकों के द्वारा सवारी बैठाने में किसी तरह के कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा है। वहीं किराया भी मनमाने ढंग से लिया जा रहा है। पूछने पर डीजल के दाम की वृद्धि का हवाला दिया जाता है। पहले जिस स्थल का किराया 30 से 35 रुपये लिए जाते थे। आज 50 रुपये तक की वसूली कर ली जाती है। यह अलग बात है कि छूट मिलने के बाद अब चौक चौराहों पर प्रतिनियुक्त पुलिस भी इस तरफ ध्यान नहीं देते हैं।

बारिश के कारण टीका एक्सप्रेस का कार्यक्रम प्रभावित, कम बची है डोज

टीकाकरण का कार्य नगर व प्रखंड में धीमी गति से पर, चल रहा है। हालांकि मंगलवार को बारिश के कारण यह कार्य प्रभावित रहा। टीका एक्सप्रेस का काम भी बंद रहा। नगर के वार्ड दो, 10 व 18 में कैंप लगाकर 45 वर्ष से अधिक लोगों को टीका देना था। इसके अलावा पीएचसी में भी इसके लिए कैंप लगाया गया। सभी जगहों का कुल वैक्सीनेशन का लक्ष्य 150 का था। पर, बारिश के कारण तीन वार्डों में कैंप नहीं लगा। वहीं पीएचसी में कर्मी मौजूद थे। पर, टीका लेने कोई नहीं पहुंचा। प्रभारी स्वास्थ्य प्रबंधक रंजन कुमार ने बताया कि बारिश के कारण कार्य प्रभावित हुआ है। हालांकि लोगों में अभी जागरूकता की कमी है।

तीन दिनों से बंद है 18 से 44 वर्ष के लोगों का वैक्सीनेशन

इधर बीते तीन दिनों से 18 से 44 वर्ष के लोगों का टीकाकरण बंद है। इसका कारण वैक्सीन का उपलब्ध नहीं होना बताया गया है। पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र भूषण ने बताया कि वैक्सीन उपलब्ध होते ही टीकाकरण का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।

बीते एक सप्ताह में एक मिला है पॉजिटिव

इधर टेस्ट का कार्य भी प्रतिदिन जारी है। पर, कुछ दिनों से संक्रमितों की संख्या में काफी कमी आई है। हालांकि इसका एक कारण यह भी माना जा रहा है कि अब पहले की तरह जांच कराने वाले भी कम पहुंच रहे हैं। बीते एक सप्ताह के आंकड़ों की बात करें तो करीब 800 लोगों की जांच विभिन्न जगहों के शिविर में की गई है। पर, इस दौरान बीते नौ जून को एक पॉजिटिव मामला सामने आया था। बीते एक अप्रैल से सोमवार तक कुल 12909 लोगों की जांच की गई है। जिसमें कुल 859 लोग संक्रमित पाए गए हैं। हालांकि एक्टिव केस करीब आधा दर्जन रह गए हैं।

-- जांच व टीकाकरण का कार्य प्रतिदिन चल रहा है। वैक्सीन के अभाव में किसी दिन कार्य को बंद भी करना पड़ा है। लोगों में जागरूकता की कुछ कमी है। जिसके कारण टीका एक्सप्रेस को उतनी सफलता नहीं मिल पा रही है। -डॉ. चंद्र भूषण, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.