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रोड और नाला हुए एक, घर व दुकानों में घुसा पानी

मुजफ्फरपुर। शुक्रवार की सुबह हुई भारी बारिश में शहर तैरने लगा। देखते-देखते रोड एवं नाला एक हो गए। बाजार डूब गए और गली-मोहल्ले टापू बन गए। लोगों के घरों एवं दुकानों में पानी प्रवेश कर गया। सदर अस्पताल एवं नगर निगम कार्यालय में भी बारिश का पानी जमा हो गया।

बारिश एवं जलजमाव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जल निकासी की सुविधा नहीं होने के कारण शहर के निचले इलाके टापू में तब्दील हो गए और लोग घरों में कैद। दर्जनों घरों में बारिश का पानी प्रवेश कर गया जिससे वहा रहने वालों का जीना मुहाल हो गया है। कई दुकानों में भी बारिश का पानी प्रवेश कर गया लेकिन दुकानदार पहले से सावधान थे इसलिए उनको क्षति नहीं उठानी पड़ी।

बारिश के कारण शहर के कल्याणी चौक, जवाहर लाल रोड, मोतीझील, स्टेशन रोड, छोटी कल्याणी रोड, रामबाग रोड, सुतापट्टी, तीन पोखरिया रोड, चर्चा रोड समेत शहर के अधिकांश मोहल्लों में भारी जलजमाव हो गया है। चर्चा रोड एवं तीन पोखरिाय रोड में कई घरों में बारिश का पानी प्रवेश कर गया है। सबसे खराब स्थिति गोला बांध रोड पंकज मार्केट रोड की हो गयी। जलजमाव के कारण आवागमन बाधित हो गया। स्टेशन रोड की हालत यह है कि वहां वहां सड़क एवं नाला एक हो गए है। वहीं सड़कों पर जमा कूड़ा पानी के साथ बहने लगा है। स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है। निगम कार्यालय के बाहर, कचहरी एवं समाहरणालय में भी जलजमाव बन गई। बालूघाट, लीची बगान, चंद्रलोक चौक मोहल्ला टापू बन गया है। जलजमाव के कारण लोगों का घरों से निकला मुश्किल हो गया है।

जलमग्न हुआ बाबा गरीब नाथ मंदिर रोड : बारिश के पानी में बाबा गरीब नाथ मंदिर रोड जलमग्न हो गया। नगर निगम मंदिर रोड को जलजमाव से मुक्ति दिलाने में विफल रहा। वहीं सदर अस्पताल में जलजमाव के कारण मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

नहीं चेता निगम, पीड़ा झेल रहे शहरवासी : शहर में हुए जलजमाव ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है। बरसात पूर्व शहर के नालियों की उड़ाही का निगम ने दावा किया था लेकिन शुक्रवार को हुई बारिश में नाले पानी निकालने में अक्षम साबित हुए। जिन गली-मोहल्लों में करोड़ों रुपये खर्च कर नालियां बनाई कई वहां भी जलजमाव से मुक्ति नहीं मिली। बने नाले भी बारिश के पानी को नहीं निकाल पाए। वहीं, कई नए इलाकों में हुए जलजमाव ने भी निगम प्रशासन के अनियंत्रित सड़क निर्माण की पोल खोल दी है। सड़कों की ऊंचाई बढ़ा देने से मिस्काट, रज्जू साह लेन, पंजाबी कॉलोनी समेत कई मोहल्ले जलजमाव के शिकार हो गए। जलजमाव की आशंका जताए जाने के बाद भी निगम प्रशासन की आंख नहीं खुली। न फरदो नाला की ठीक से उड़ाही की गई और न ही शहर की सभी छोटी-बड़ी नालियों की। शहर के आउटलेटों के बंद होने की चेतावनी का भी निगम पर कोई असर नहीं पड़ा। आउटलेट बंद रहने के कारण कई इलाकों में जलजमाव के साथ-साथ लोगों के घरों में बारिश का पानी जा घुसा। चर्चा रोड इसका उदाहरण है। मस्जिद चौक के पास आउटलेट बंद है। इसकी जानकारी होने के बाद भी निगम प्रशासन सजग नहीं हुआ। कटही पूल रेलवे लाइन के नीचे बने कल्वर्ट को खोलने को लेकर भी निगम सजग नहीं हुआ। इसका परिणाम यह निकला की कटही पुल के नीचे से होकर पानी नहीं निकल पा रहा है। जिससे अस्पताल रोड, धर्मशाला एवं मोतीझील टापू बन गया है।

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