सीतामढ़ी रेडलाइट एरिया में छापा, हिरासत में 16 महिलाओं व लड़कियों समेत आठ पुरुष

दिल्ली के एक एनजीओ की निशानदेही पर हुई सीतामढ़ी के रेडलाइट एरिया में कार्रवाई 24 को हिरासत में लिया गया है। छह लड़कियां जिस्मफरोशी के धंधे में धकेली गई थीं पूछताछ के अधार पर दूसरे जिलों से कुछ युवतियों की बरामदगी हो सकती है।

Dharmendra Kumar SinghFri, 30 Jul 2021 12:49 PM (IST)
सीतामढ़ी में छापेमारी के दौरान पकड़ी़ युवत‍ियां । प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

सीतामढ़ी, जासं। शहर से सटे रेडलाइट एरिया में सीतामढ़ी पुलिस ने दिल्ली के एक एनजीओ की टीम के साथ छापेमारी की। इस दौरान 16 महिलाएं और लड़कियां, आठ पुरुषों को हिरासत में लिया। पुलिस प्राथमिकी दर्ज होने तक कुछ बोलने से परहेज कर रही है।

सूत्रों की मानें तो हिरासत में ली गई 16 महिलाओं और लडकियों में आधा से ज्यादा खरीद-फरोख्त कर गलत धंधा में ढकेली गई थी। बड़ी संख्या में महिला दलाल भी पकड़ी गई। हिरासत में लिए गए आठ पुरुषों में चार ग्राहक व चार दलाल हैं। पुलिस का मानना है कि हिरासत में लिए गए पुरुष व महिला दलालों से पूछताछ करने पर दूसरे जिलों से भी पीडि़त युवती की बरामदगी हो सकती है।

बताया गया कि दिल्ली के एनजीओ ने एसपी को जानकारी दी थी कि हाल में पांच लड़कियों की खरीद-फरोख्त कर दलालों के रेडलाइट एरिया में लाया गया है। इसमें कई नाबालिग हैं। ग्राहक के मध्यम से भी जिला प्रशासन तक अवाज पहुंचाने का प्रयास किया था। स्वजन उनकी खोज में भटक रहे थे। सूत्रों ने बताया कि इस ऑपरेशन में नगर थाना पुलिस को अलग रखा गया। पुलिस ने रेडलाइट एरिया व उसके आसपास के इलाके को घेर लिया था। कमर भर पानी में दौड़ाकर दलालों को पकड़ा। पुलिस गाड़ी में बैठी एक युवती ने डरते हुए कहा कि के धंधे में थोड़ा भी आनाकानी करने पर गरम रॉड से बदन पर दागा जाता था। कई दिनों तक खाना नहीं मिलता। गलत काम के लिए इंजेक्शन दिया जाता था। भागने का प्रयास करने पर मकान में बने तहखाने में बंद कर यातनाएं दी जाती थीं। ट्रेन या बस से लाने के दौरान नई लड़कियों को अक्सर रात में आंखों में पट्टïी बांधकर दलालों द्वारा स्टेशन से यहां पहुंचाया जाता था। 

घेराबंदी के बाद की कार्रवाई 

जिन घरों से नाबालिगों को मुक्त कराया गया है, उसके गृहस्वामियों और बिचौलिये के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होगी। मुक्त नाबालिगों के बयान लिए जा रहे थे। लड़कियों को छिपाकर रखे जाने की सूचना पर छापेमारी की गई। मुक्त लड़कियां बिहार, झारखंड, यूपी व पश्चिम बंगाल की हैं। इन्हें बहलाकर लाने के बाद बंधक बनाकर रखा गया था। सदर डीएसपी ने बताया कि छापेमारी के दौरान पुलिस टीम को आते देख कई दलाल भाग निकले। छापेमारी में मुख्यालय डीएसपी आरएन साहू, प्रशिक्षु डीएसपी सोनली कुमारी, हुल्लाश कुमार व डुमरा थाना प्रभारी जनमेजय राय के आलावा पुलिस लाइन से फोर्स लगाई गई थी। गौरतलब है कि नवंबर, 2018 के बाद यह तीसरी बड़ी कार्रवाई थी। अक्टूबर 2019 में पुलिस की छापेमारी में भागने के दौरान एक शख्स ने पानी में छलांग लगा दी थी। उसकी डूबने से मौत हो गई थी।

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