लनामिविवि के कुलसचिव पर कार्रवाई करने को लेकर विधानसभा में सवाल

आइसा के राष्ट्रीय महासचिव सह पालीगंज विधायक संदीप सौरभ विधानसभा में दिए आवेदन में बताया कि विवि में दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में नामांकन प्रक्रिया बंद है। लाखों छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। इसी तरह सीएम ला कालेज में भी नामांकन प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।

Ajit KumarFri, 30 Jul 2021 09:11 PM (IST)
कुलसचिव प्रो. मुश्ताक अहमद पर कई भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।

दरभंगा, जासं। विधानसभा में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. मुश्ताक अहमद पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर सवाल उठाए गए। आइसा के राष्ट्रीय महासचिव सह पालीगंज विधायक संदीप सौरभ विधानसभा में दिए आवेदन में बताया कि विवि में दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में नामांकन प्रक्रिया बंद है। लाखों छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। इसी तरह सीएम ला कालेज में भी नामांकन प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। बताते हैं कि दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में बहाल व्यक्ति सहायक कुलसचिव के पद पर बने हैं। कुलसचिव प्रो. मुश्ताक अहमद पर कई भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इसके बाद भी इन्हें कुलसचिव बनाया गया है। वे विभिन्न कालेजों के प्राचार्यों और कर्मचारियों पर बदले की भावना से कार्रवाई कर रहे हैं। सरकार से मांग की उक्त मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाकर कार्रवाई की जाए। आइसा जिला अध्यक्ष ङ्क्षप्रस राज ने विवि में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितता को लेकर मिथिला के सभी विधायक और सांसद को ज्ञापन सौंप संज्ञान लेने को कहाहै। आइसा के राष्ट्रीय महासचिव सह पालीगंज विधायक संदीप सौरभ ने गंभीरता दिखाते हुए मामले को विधानसभा में उठाया है। विश्वविद्यालय में विकास को लेकर उम्मीद जगी है। 

कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के दरबार हाल में छात्रा संसद

जासं, दरभंगा : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से सूबे में पहली बार शुक्रवार को कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के दरबार हाल में छात्रा संसद आयोजित की गई। देश की संसद की तरह पक्ष-विपक्ष और प्रोटेम स्पीकर बनाए गये थे। डा. एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिक संस्थान(डब्ल्यूआइटी) में को -एजुकेशन प्रणाली लाए जाने की तैयारी के खिलाफ आयोजित छात्रा संसद में पक्ष और विपक्ष ने विचार रखे। अध्यक्षता डॉ. पूनम सिंह प्रोटेम स्पीकर के रूप में कर रही थी। सदन की नेता के तौर पर जया सिंह, विपक्ष की नेता के तौर पर ऋचा मृणाल और वक्ताओं में डा. ममता कुमारी, संजना कुमारी, प्रिया सिंह, खुशबू कुमारी, अंकित झा, मानसी, प्रीति कुमारी, अमृता राय और निशी कुमारी थी। संचालन पूजा कश्यप ने किया।

प्रिया सिंह ने कहा कि डब्ल्यूआइटी को मां जानकी के नाम पर नामकरण कर देश का पहला महिला आइटीआइ के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके पक्ष में जया सिंह, सुषमा झा, खुशबू झा, अंकिता, पूजा कुमारी, संजना ङ्क्षसह ने हामी भरी। विपक्षी में बैठी मानसी कुमारी ने कहा कि विदेशों में भी को-एजुकेशन के तहत लड़क-लड़की एक संस्थान में पढ़ते हैं। यह प्रणाली बेहतर है। रिचा कुमारी नामक ने कहा कि डब्ल्यूआइटी अभी घाटे में चल रहा है। विवि प्रशासन इसके प्रति उदासीन है। सुविधाओं का अभाव है। यह निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन पर छोड़ देना चाहिए।

वोङ्क्षटग के बाद ध्वनि मत से पारित हुआ प्रस्ताव

दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रोटेम स्पीकर डा. पूनम ङ्क्षसह के समक्ष वोङ्क्षटग का प्रस्ताव रखा गया। प्रोटेम स्पीकर ने वोङ्क्षटग कराने पर सहमति प्रधान की। छात्रा संसद में डब्ल्यूआइटी का नामकरण मां जानकी के नाम पर करते हुए देश के पहले महिला आइटीआइी के रूप में संस्थान को विकसित करने का प्रस्ताव ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित किया गया। छात्रा संसद में विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्यार्थी परिषद की प्रदेश उपाध्यक्ष डा. ममता कुमारी, डोली कुमारी, लिली कुमारी, शीतल कुमारी, निशी कुमारी, प्रीति कुमारी, शैलजा सक्सेना,नेहा कुमारी, राखी कुमारी, दिव्या झा, अनुपम कुमारी आदि थीं। सफल आयोजन में जिला संयोजक उत्सव पाराशर, विभाग संयोजक सुमित ङ्क्षसह आदि सक्रिय रहे। 

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