मुजफ्फरपुर मेें जजों को धमकी देने के मामले में पुलिस सक्रिय, फर्जी पता से सिम निकाल कर दी गई थी धमकी

धनबाद की घटना के बाद इन मामलों की जांच में तेजी लाने का निर्देश झारखंड के फर्जी पता से सिम निकाल कर मांगी गई थी रंगदारी व दी गई धमकी आरोपित का सुराग लगाने में पुलिस को अब तक नहीं मिली सफलता।

Dharmendra Kumar SinghFri, 30 Jul 2021 08:28 AM (IST)
धनबाद मेें जज की हत्‍या के बाद मुजफ्फरपुर में पुल‍िस सक्र‍िय। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

मुजफ्फरपुर, जासं। धनबाद में जज की हत्या के मामले के बाद मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट के जजों से रंगदारी मांगने व धमकी के मामले को लेकर पुलिस सक्रिय हो गई। इन मामले की समीक्षा के बाद आइओ को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

यह है मामला : सिविल कोर्ट में पदस्थापित एक न्यायिक दंडाधिकारी को मोबाइल पर रंगदारी मांगने व हत्या की धमकी देने वाले का सुराग लगाने में पुलिस सफल नहीं हो पाई है। यह धमकी झारखंड के फर्जी पते से सिम लेकर जामताड़ा इलाके से काल की गई थी। यह सिम अभी भी सक्रिय है। हालांकि इसे कभी-कभी चालू किया जाता है। सिम के बंद रहने के कारण पुलिस को सही लोकेशन पता नहीं चलता है। कांड के आइओ सुनील कुमार पंडित ने बताया कि कई बार झारखंड जाकर आरोपितों का सुराग लगाने का प्रयास किया। हालांकि इसमें सफल नहीं हो सका। धनबाद में जज की हत्या का मामला सुर्खियों में आया तो इस मामले की प्रगति की खोजबीन चली। नगर डीएसपी रामनरेश पासवान ने दो जजों को मिली धमकी के मामले की समीक्षा की। उन्होंने आइओ को सर्विलांस सेल के लगातार संपर्क में रहने का निर्देश दिया।

एक जज को धमकी देने के मामले में निलंबित सीओ गिरफ्तार 

पिछले साल एक जज को धमकी भरा पत्र भेजकर दस लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। पुलिस जांच में निलंबित सीओ मनोज राम की संलिप्तता सामने आई। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है।

सरैया में कैश वैन लूट के प्रयास के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

मुजफ्फरपुर। पिछले साल सरैया में कैश वैन लूटने के प्रयास में फायङ्क्षरग करने के आरोपित संदीप कुमार कुमार की जमानत अर्जी एडीजे-10 ने खारिज कर दी है। घटना पिछले साल नवंबर की है। कैश वैन में मुजफ्फरपुर से पांच करोड़ रुपये छपरा-सिवान की एटीएम में डालने के लिए ले जाया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने आधा दर्जन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। ये सभी वैशाली, सारण व मुजफ्फरपुर के लुटेरा गिरोह से जुड़े हैं। इसमें एक अन्य आरोपित की जमानत अर्जी कोर्ट ने पहले ही खारिज कर दी थी। यह हुई थी घटना : पिछले साल नवंबर में चारपहिया वाहन से पीछा कर रहे लुटेरों ने सरैया थाना क्षेत्र में कैश वैन पर फायङ्क्षरग की। लुटेरों की गोली से कैश वैन चालक मो.जियाउद्दीन घायल हो गया। घायल होने के बाद भी उसने दिलेरी दिखाई और वैन को सड़क किनारे लगभग 30 फीट गढ्ढ़े में लुढ़का दिया। इसे दुर्घटना समझ वहां अन्य वाहन वाले रुक गए। उसी समय कुछ पुलिस पदाधिकारी भी उस रास्ते से गुजर रहे थे। इन सभी को देख लुटेरे भाग चले।

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