मुजफ्फरपुर में ऑक्सीजन उत्पादन ठप रहने से मरीजों को हुई परेशानी

दोपहर दो बजे बिजली आने पर उत्पादन शुरू हुआ। इसके बाद सबको ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई।

Muzaffarpur oxygen crisis बेला स्थित ऑक्सीजन प्लांट में बुधवार को सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक ऑक्सीजन सिलेंडर की रिफीलिंग नहीं हो सकी। प्लांट के समीप मरीज के स्वजन व अस्पताल संचालक के प्रतिनिधि ऑक्सीजन के लिए जमे रहे।

Ajit KumarThu, 13 May 2021 09:00 AM (IST)

मुजफ्फरपुर, जासं। बिजली के अभाव में ऑक्सीजन उत्पादन ठप रहने से बुधवार को परेशानी हुई। कई निजी अस्पतालों ने मरीजों को भर्ती करने को मना कर दिया। जानकारी के अनुसार, बेला स्थित ऑक्सीजन प्लांट में बुधवार को सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक ऑक्सीजन सिलेंडर की रिफीलिंग नहीं हो सकी। प्लांट के समीप मरीज के स्वजन व अस्पताल संचालक के प्रतिनिधि ऑक्सीजन के लिए जमे रहे। ऑक्सीजन मिलने में हो रही देरी पर लोग नाराज दिखे। कई एंबुलेंस पर सवार मरीजों के साथ स्वजन ऑक्सीजन के लिए प्लांट पर पहुंचे थे। कर्मियों ने बिजली के अभाव में उत्पादन बाधित होने की बात कही। दोपहर दो बजे बिजली आने पर उत्पादन शुरू हुआ। इसके बाद सबको ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। तब मरीजों व उनके परिजनों की ङ्क्षचता दूर हुई। ड्रग इंस्पेक्टर उदयवल्लभ ने बताया कि तकनीकी कारण से थोड़ा उत्पादन प्रभावित हुआ, लेकिन आपूर्ति सबको की गई। 

तीसरे दिन भी बंद रहा पैथोलॉजी जांच केंद्र,मायूस होकर लौटे मरीज

मुजफ्फरपुर : पूनम देवी तीन दिनों से बलगम जांच के लिए सकरा पीएचसी आती है, लेकिन कोई रहता नहीं सो लौट जाती है। चंदन कुमार, मोहन कुमार , पार्वती देवी, विकास कुमार का कहना है कि सरकारी अस्पताल में सुविधा के लिए लोग आते हैं, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हमलोगों को लौटना पड़ रहा है। बताते चलें कि सकरा के लैब टेक्नीशियन अवधेश कुमार के एंटीजन किट कालाबाजारी के आरोप में जेल जाने के बाद पैथोलॉजी जांच पर संकट दिखने लगा है। कालाजार व टीवी रोगों के बलगम की जांच प्रभावित हो गई है। कोरोना की जांच प्रभावित न हो, इसके लिए फार्मासिस्ट से जांच कराई जा रही है। हालांकि, बुधवार को कई लोग कोरोना की जांच कराए बगैर ही लौट गए। रमेश पंकज, सुरेश भगत, शॢमला कुमारी का कहना है कि बगैर एलटी के कोरोना जांच उचित नहीं है। जॉच रिपोर्ट पर विश्वास करना उचित नहीं होगा। हालांकि फार्मासिस्ट अभिषेक कुमार का कहना है कि पिछले वर्ष भी कोरोना की जांच उनके द्वारा ही की गई थी। स्वास्थ्य प्रबंधक संजीव कुमार ने कहा कि इस संबंध में अधिकारियों को लिखा गया है। 

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