मुजफ्फरपुर डीएम का आदेश, कमेटी बनाकर करें फसल क्षति की कराएं जांच

डीएम ने कृषि टास्क फोर्स की बैठक में दिए निर्देश कटरा और गायघाट में क्षति।मिट्टी के शत-प्रतिशत नमूने की जांच नहीं होने पर डीएम ने जताई नाराजगी। साथ ही धान की रोपनी के लक्ष्य को पूरा करने के लिए कहा।

Ajit KumarWed, 28 Jul 2021 08:27 AM (IST)
डीएओ ने बताया कि लक्ष्य 1,30,000 हेक्टेयर के विरुद्ध 88,684 हेक्टेयर में आच्छादन किया गया है। फोटो- जागरण

मुजफ्फरपुर, जासं। डीएम प्रणव कुमार ने जिला कृषि टास्क फोर्स की समीक्षा की। बाढ़ के कारण फसल क्षति को लेकर डीएम ने त्रिस्तरीय कमेटी बनाकर जांच का आदेश दिया। साथ ही धान की रोपनी के लक्ष्य को पूरा करने को कहा। डीएओ ने बताया कि लक्ष्य 1,30,000 हेक्टेयर के विरुद्ध 88,684 हेक्टेयर में आच्छादन किया गया है। मक्का का 16000 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 7200 हेक्टेयर में आच्छादन किया गया है। फसल क्षति को लेकर बताया गया कि धान बिचड़ा में गायघाट और कटरा प्रखंड में 477.69 हेक्टेयर में, धान रोपनी में भी दोनों प्रखंडों में क्षति 3521.60 हेक्टेयर में हुई। मक्का में गायघाट एवं कटरा प्रखंड में फसल क्षति 34.28 हेक्टेयर में हुई है। सब्जी में सिर्फ गायघाट में 21.41 हेक्टेयर की क्षति हुई है। डीएम ने धान बिचड़ा एवं रोपनी की क्षति पर नाराजगी जताते हुए डीएओ को निर्देश दिया कि प्रखंड में फसल क्षति की जांच कराकर यथा शीघ्र रिपोर्ट दें।

सहायक निदेशक रसायन मिट्टी जांच प्रयोगशाला ने बताया कि लक्ष्य 15042 के विरुद्ध 5356 नमूना आनलाइन हुआ है। इसमें प्रयोगशाला में 1250 नमूना प्राप्त हुआ। 557 का विश्लेषण कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार किया जा रहा है। डीएम ने आपत्ति जताते हुए आदेश दिया कि शत-प्रतिशत नमूना प्राप्त कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण कराएं।

फसल सहायता योजना का कराएं प्रचार-प्रसार

जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि बिहार राज्य फसल सहायता योजना में 167315 कृषकों ने आनलाइन आवेदन किया है। इसमें 140068 की जांचकर उसे अग्रसारित किया गया। 31 जुलाई तक ही आवेदन लिए जाएंगे। डीएम ने निर्देश दिया कि किसान सलाहकारों के माध्यम से किसानों के बीच इसका प्रचार- प्रसार कराएं। वहीं मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना में कृषि यंत्रों के लिए 115 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें 87 ट्रैक्टर की आपूर्ति ऑनलाइन निबंधित विक्रेता द्वारा की गई है। इसका भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।

जुलाई में कम वर्षापात

डीएओ ने बताया कि जुलाई के सामान्य वर्षापात 304.8 मिलीमीटर के विरुद्ध अब तक 274.32 मिली मीटर हुई है। यह सामान्य वर्षा से 30.48 मिलीमीटर कम है। आत्मा की समीक्षा में निर्देश दिया गया कि कृषि विज्ञान केंद्र एवं डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विवि पूसा से सहयोग लेकर किसानों को प्रशिक्षण दिलाएं। उर्वरक को लेकर बताया गया कि जिले में उर्वरक की कमी नहीं है। जीरो टालरेंस नीति से इसकी बिक्री निर्धारित मूल्य पर कराई जा रही है। सहायक निदेशक, उद्यान को प्रधानमंत्री कृषि ङ्क्षसचाई योजना अंतर्गत स्प्रिंकलर एवं ड्रिप इरिगेशन को बढ़ावा दिए जाने को कहा गया। बैठक में डीडीसी डॉ. सुनील कुमार झा, डीएओ चंद्रशेखर ङ्क्षसह, डीपीआरओ कमल ङ्क्षसह, जिला सहकारिता पदाधिकारी ललन शर्मा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी समेत सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी मौजूद थे। 

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