Tantra ke gan: मुजफ्फरपुर में संक्रमित होने की चिंता छोड़ निभाई सफाई की जिम्मेदारी

घर से दूर रहने व बाजार बंद होने से कई बार उन्हेें खाली पेट सोना पड़ा। फाइल फोटो

घर-परिवार की चिंता छोड़ अपर नगर आयुक्त विशाल आनंद ने लड़ी कोरोना से लड़ाई। शहर को कोरोना से मुक्त रखने के लिए लॉकडाउन के दौरान उनको लोगों के घरों व कार्यालयों को सैनिटाइज कराने की जिम्मेदारी मिली। इसे भी उन्होंने पूरी तत्परता से निभाया।

Publish Date:Sat, 23 Jan 2021 08:48 AM (IST) Author: Ajit kumar

मुजफ्फरपुर, जासं। जब शहरवासी कोरोना संक्रमण के खतरे से बचने को घरों में कैद थे। कार्यालयों में ताला लगा था और सड़कों पर सन्नाटा था। मुख्य सड़क से लेकर गली-मुहल्लों में कचरे का अंबार लगा था। उस समय नगर निगम के अपर नगर आयुक्त विशाल आनंद ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। घर-परिवार की चिंता छोड़ कोरोना से लड़ाई में उतर आए। अपने संक्रमण की चिंता छोड़ शहर की सफाई के लिए सफाईकर्मियों के साथ सड़क पर उतरे। शहर को कोरोना से मुक्त रखने के लिए लॉकडाउन के दौरान उनको लोगों के घरों व कार्यालयों को सैनिटाइज कराने की जिम्मेदारी मिली। इसे भी उन्होंने पूरी तत्परता से निभाया। इसके लिए वे खुद हर मुहल्ले में गए। लोगों को कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक किया। लोगों के बीच मास्क का वितरण कराया। उनकी सेवा में वे ऐसे लगे कि स्वयं के संक्रमित होने का डर उनके मन में नहीं रहा। कर्मचारियों को संक्रमित होने से बचाने की चिंता उन्हें जरूर रही इसलिए बचाव के सभी उपाय किए। उनको मास्क, सैनिटाइजर, दस्ताना उपलब्ध कराए। इस दौरान उन्हें भोजन-पानी तक की परेशानी झेलने पड़ी। घर से दूर रहने व बाजार बंद होने से कई बार उन्हेें खाली पेट सोना पड़ा। 

बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी विशाल आनंद को डेढ़ साल पहले निगम में नगर आयुक्त की कुर्सी मिली। इससे पहले वह पटना नगर निगम में इसी पद पर कार्यरत थे। यहां निगम में उन्हें शहर की साफ-सफाई का जिम्मा मिला। कोरोना काल में शहर में भारी जलजमाव हुआ। इसे भी दूर करने के लिए वे दिन-रात लगे रहे। कोरोना संक्रमण के दौरान उन्होंने अपनी सेवा की मिसाल कायम की।

सभी 16 पीएचसी की एएनएम, बीसीएम व बीएचएम का वेतन रोका

मुजफ्फरपुर : सरकारी खजाने में राशि रहते हुए समय पर भुगतान नहीं होने पर सभी 16 पीएचसी की एएनएम, बीसीएम व बीएचएम का वेतन रोका गया है। सिविल सर्जन डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि आशा को प्रोत्साहन राशि के भुगतान के लिए उनके क्लेम को पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जा रहा है। इससे आशा को काम करने के बाद भी उनको विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के दावे का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। सीएस ने कहा कि सभी पीएचसी प्रभारी को  एक सप्ताह के अंदर आशा के दावा को आनलाइन अपलोड करने की हिदायत दी गई है। जानकारी के अनुसार जिले में कुल 3924 आशा हैं। इनमें 3283 ने प्रोत्साहन राशि बकाया होने का दावा किया है। इधर एक माह में मात्र 171 का ही अपलोड किया जा सका है। 

 

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