BPSC 64th Result 2021: शिवहर की साक्षी ने पहले ही प्रयास में बीपीएससी परीक्षा में मारी बाजी, जानिए सफलता का राज

BPSC 64th Result 2021 कोचिंग न विशेष तैयारी मोबाइल पर पढ़ाई कर मारी बीपीएससी परीक्षा में बाजी। शिवहर की साक्षी ने पहले ही प्रयास में बीपीएससी परीक्षा में मारी बाजी। साक्षी ने यूट्यूब और टेलिग्राम समेत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर पढ़ाई कर बनाया कामयाबी का कीर्तिमान।

Murari KumarMon, 07 Jun 2021 05:27 PM (IST)
शिवहर की साक्षी ने पहले ही प्रयास में बीपीएससी परीक्षा में मारी बाजी।

शिवहर, जागरण संवाददाता। आमतौर पर लंबी तैयारी और लंबे प्रयास के बाद प्रतिभागी बीपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में कामयाबी मिलती है। लेकिन शिवहर की बेटी साक्षी ने बगैर कोचिंग और बगैर विशेष तैयारी के ही बीपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने में कामयाबी पाई है। इस बार बीपीएससी परीक्षा में 1454 अभ्यर्थी सफल रहे हैं। इसमें साक्षी ने सूबे में 194 वां स्थान प्राप्त किया हैं। हैरत की बात यह कि साक्षी ने यह कारनामा मोबाइल के जरिये यूट्यूब, टेलिग्राम और अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के जरिए पढ़ाई कर पाई हैं। मजबूत इरादों इच्छाशक्ति की बदौलत अफसर बिटिया बनी साक्षी की कामयाबी के चर्चे आज शिवहर के हर एक जुबान पर है।

 बीपीएससी की 64 वीं संयु़क्त परीक्षा में सफल साक्षी को सामाजिक सुरक्षा कोषांग की सहायक निदेशक बनाया गया है। साक्षी की कामयाबी पर न केवल माता-पिता समेत स्वजनों में हर्ष का माहौल है। बल्कि पूरे जिले के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे है। साक्षी मूल रूप से शिवहर जिले के तरियानी प्रखंड के नरवारा गांव की रहने वाली है। उसके पिता नंद कुमार सिंह और मां सुधा सिंह, दोनों सरकारी स्कूल के शिक्षक है। बेहद मिलनसार नंद कुमार सिंह इलाके मेें नंदूभाई के नाम से चर्चित है। तीन भाई बहनों में साक्षी सबसे छोटी है। बड़ी बहन अलका सिंह और छोटा भाई दिल्ली में मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते है।

 साक्षी की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही स्कूल में हुई। डीएवी नरहा से मैट्रिक की शिक्षा हासिल करने के बाद चिन्मय स्कूल धनबाद से प्लस टू तक की शिक्षा हासिल की। बीटेक की शिक्षा हासिल करने के बाद उसने बीपीएससी का फार्म भरा और एक के बाद एक, सफलता की सीढ़ियां चढ़ती गई। बेटी की कामयाबी पर पिता नंद कुमार सिंह और मां सुधा देवी ने प्रसन्नता व्यक्त की हैं। वहीं इश्वर के प्रति आभार जताया। जबकि, साक्षी ने कहा कि, उसने बीपीएससी में सफलता के लिए कभी कोचिंग नहीं की। पढ़ाई में मोबाइल उनका हथियार बना। इंटरनेट मीडिया से पढ़ाई के लिए मैटेरियल प्राप्त किया। उसने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और ईश्वर को दिया है। कहा कि, सामाजिक सुरक्षा की सहायक निदेशक का पद मिला है। वह अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करेगी। उधर, साक्षी की सफलता पर जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह ने चयनित साक्षी को बधाई दी हैं। साथ ही अच्छी परवरिश के लिए उनके माता-पिता की भी सराहना की हैं। जबकि, जदयू नेता ठाकुर धर्मेंद्र कुमार सिंह ने भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए साक्षी को बधाई दी है।

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