Muzaffarpur Weather Report: कब मिलेगी बारिश से राहत, मौसम विभाग ने सबकुछ बता दिया

डॉ. सत्तार का बताना है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण बिहार और झारखंड में पिछले दो-तीन दिनों से तेज हवा के साथ वर्षा हो रही है। बुधवार से वर्षा में कमी आने की संभावना है।

Ajit KumarWed, 20 Oct 2021 08:44 AM (IST)
दो दिनों के बाद साफ होगा मौसम, आगे बारिश की नहीं दिख रही संभावना। प्रतीकात्मक फोटो

मुजफ्फरपुर/समस्तीपुर, जासं। विगत दो दिनों से हो रही बारिश ने लोगों को परेशान कर रखा है। जिले के लोगों को कब इससे मुक्त मिलेगी इसके बार में मौसम विभाग ने स्थिति साफ कर दिया। कहना है कि जिला समेत पूरे उत्तर बिहार में आज से मौसम में बदलाव होगी। आज से वर्षा में कमी आने की संभावना है। इसके साथ ही एक-दो दिनों के बाद मौसम साफ हो जाएगी। फिर आगे बारिश होने की संभावना नहीं दिख रही है। उक्त जानकारी डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मौसम वैज्ञानिक डा. ए सत्तार ने दी। डॉ. सत्तार का बताना है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण बिहार और झारखंड में पिछले दो-तीन दिनों से तेज हवा के साथ वर्षा हो रही है। बुधवार से वर्षा में कमी आने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि एक-दो दिनों तक 15 से 20 किलोमीटर की रफ्तार से पुरवा हवा चलेगी। उसके उपरांत पछिया हवा चलने की संभावना है। वहीं तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मंगलवार को विभाग के द्वारा रिकॉर्ड अधिकतम तापमान 30.2 एवं न्यूनतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि वर्षापात 24.6 मिली मीटर रिकॉर्ड की गई। 

बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर, रबी पर भी संकट

मुजफ्फरपुर : अतिवृष्टि का किसानों ने लंबे अर्से तक दंश झेला। काफी मेहनत कर धान की फसल लगाई, लेकिन पिछले तीन दिनों से हुई बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी। उनकी धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। पका धान के पौधे खेतों में गिर गए हैं जिससे किसान चिंतित हैं। अधिकतर खेतों में पानी लगा हुआ है जहां पौधे गिरने से पकी फसल बर्बाद हो रही है। वहीं, खेतों में पानी जमने से रबी की खेती के साथ उनके भोजन पर भी खतरा मंडराने लगा है। औराई प्रखंड के अधिकतर गांवों में धान के पौधे पानी में गिर गए हैं जिससे फसल की बर्बादी की संभावना बढ़ गई है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि फसल क्षति का जायजा लिया जा रहा है। हंसवारा गांव के किसान चंद्रमोहन मिश्र, फूल कुमारी देवी, रविंद्र मिश्र, जितेंद्र मिश्र, करहंट्टी के रत्नेश्वर प्रसाद सिंह, ललन सिंह, मुकेश मिश्र, सुधीर सिंह, वीरेंद्रनाथ मिश्र, अमरनाथ मिश्र, दिनेश झा, जटाशंकर मिश्र, रामकिशोर मिश्र, मनोज मिश्र, जगरनाथ मिश्र ने बताया कि आंधी व बारिश से धान की पकी फसल पानी में डूब गई है। इधर, कटरा, प्रखंड क्षेत्र में आंधी व पानी से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। हवा के तेज झोंके ने पौधों को खेतों में ही गिरा दिया। वहीं, तैयार धान जो काटकर बोझ बांधने के लिए रखे गए थे, पानी में डूब गए। बाढ़ के कारण पहले ही खेत डूब चुके थे, जो बचे थे वर्षा और आंधी की भेंट चढ़ गए। प्रखंड के कटरा, धनौर, चंगेल, नवादा, पहसौल आदि गांवों में सर्वाधिक क्षति हुई है। चंगेल के किसान सुजीत झा ने बताया कि तैयार फसल को काटकर खेत में सूखने के लिए रखा गया था। इसी बीच बारिश में डूब हुई और फसल पानी में डूब गई। धनौर निवासी परशुराम सिंह ने बताया कि तीन एकड़ में धान की फसल तैयार थी। कल काटकर लाने की सोच रहे थे। लेकिन, आंधी में पौधे गिर गए और पानी में डूब गए। अब दाना निकलने की कोई उम्मीद नहीं है। बुधकारा के किसान धीरेंद्र सिंह ने बताया कि दर्जनों किसान के खेतों में लगे धान के पौधे तैयार थे। लेकिन आंधी व वर्षा ने ऐसा सितम ढाया, जैसे परोसी गई थाली को प्रकृति ने छीन ली। इसके बावजूद अधिकारी किसानों की क्षति को नहीं मानते हैं। कृषि अधिकारी विजय कुमार ने कहा कि आंधी-पानी से हुई क्षति का सर्वे कर जिला को रिपोर्ट भेजी जाएगी। राज्य सरकार किसानों के नुकसान के प्रति गंभीर है। सहायता अवश्य मिलेगी। उधर, मीनापुर में वर्षा और तेज हवा से धान और सब्जी की खेती को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में पानी जमा होने से रबी की खेती भी प्रभावित होगी। इससे किसानों में मायूसी छा गई है। तेज हवा से पकी और पक रही तैयार धान की फसल गिर गई है। वहीं, खेतों में पानी होने की कारण सभी बर्बाद होने की स्थिति में है। वहीं, सब्जी भी बर्बाद हुई है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि वरीय अधिकारी के निर्देश पर नुकसान का आकलन कराया जाएगा और इसकी क्षतिपूर्ति के लिए विभाग को लिखा जाएगा।

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