मुजफ्फरपुर: स्वास्थ्य विभाग में दैनिक वेतन पर बहाली मामले मेें लिपिक से जवाब तलब

स्वास्थ्य विभाग के आदेश से सिविल सर्जन ने सभी पीएचसी प्रभारी को कराया अवगत। सेवा से हटाने व रखने के निर्णय पर सीएस ने अपने स्तर से नहींं उठाया कदम। सभी पीएचसी मेें मानवबल 26 जुलाई तक काम करने पर अड़े।

Murari KumarMon, 21 Jun 2021 11:13 AM (IST)
स्वास्थ्य विभाग में दैनिक वेतन पर बहाली मामले मेें लिपिक से जवाब तलब

मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। स्वास्थ्य विभाग में दैनिक वेतन पर बहाल कर्मियों की सेवा दोबारा बहाल करने के सीएस के आदेश को राज्य मुख्यालय ने रद करने का आदेश दिया। इसके आलोक मेें सिविल सर्जन कार्यालय ने सीधे अपने स्तर से नियोजन रद करने का आदेश नहीं देते हुए मुख्यालय के आदेश से पीएचसी प्रभारी को अवगत करा दिया है। एक तरह से मानवबल से काम लेने व न लेने का फैसला अब पीएचसी प्रभारी पर छोड़ दिया गया है। इस बीच सीएस ने बहाली में ऑडियो वायरल होने के मामले में डाटा आपरेटर की सेवा समाप्त करने के बाद इस बहाली की फाइल संधारण करने वाले लिपिक से जवाब तलब किया है। उसका जवाब आने के बाद अगली कार्रवाई होगी।

मालूम हो कि कोरोना महामारी को लेकर 780 मानवबल को बहाल किया गया। बहाली तीन माह के लिए थी, लेकिन उनको 20 दिनों के बाद डीएम के आदेश पर हटाने के बाद शहरी टीकाकरण बाधित हुआ। फिर सीएस ने काम पर रखने का आदेश दिया। उसके बाद शनिवार को मुूख्यालय ने हटाने का आदेश दिया है।

काम पर डटे रहे मानवबल, सीएस कार्यालय के आदेश का कर रहे इंतजार

सीएस कार्यालय की ओर से हटाने का आदेश नहीं निकालने के बाद सभी मानवबल रविवार को अपने काम पर डटे रहे। सोमवार को भी सभी काम करने के लिए तैयार हैं। जो जानकारी सामने आ रही उसके हिसाब से कई पीएचसी प्रभारी यह मानकर चल रहे हंै कि जब सीएस कार्यालय ने मानवबल से काम पर रखने का आदेश दिया है तो वहां से जबतक हटाने का आदेश नहीं आता मानवबल से काम लिया जा रहा वह जारी रहेगा। रेलवे स्टेशन, सदर अस्पताल समेत कई स्थानों पर सैंपल जांच करने और वैक्सीनेशन का कार्य नियोजित कर्मी करते रहे।

शहरी क्षेत्र के टीकाकरण प्रभारी डा.शंभू कुमार ने रविवार सुबह भारी बारिश का हवाला देते हुए टीका एक्सप्रेस व अन्य पांच सेंटर पर काम नहीं होने संबंधी पत्र जारी किया। इसके बाद ड्यूटी पर आए मानव बल व अन्य कर्मी वापस लौट गए। बताते हैैं कि सोमवार व मंगलवार को योग दिवस पर जिले में वैक्सीनेशन का महाअभियान चलेगा। इस कार्य में भी मानवबल की सेवा ली जाएगी। सिविल सर्जन डा.एसके चौधरी ने भी कहा कि रविवार को उन्होंने किसी से बात नहीं की। दिनभर मुख्यालय के संपर्क में रहे। मुख्यालय द्वारा मांगी गए शोकॉज का जवाब तैयार कर रहे हंै। समय-सीमा के अंदर ही मुख्यालय को जवाब सौंप देंगे। बताया कि 21-22 जून को मेगा अभियान में काम जारी रहेगा। मानवबल को हटाने संबंधी सवाल पूछने पर कहा कि उनके द्वारा इससे संबंधित कोई पत्र जारी नहीं किया गया है।

ग्रामीण इलाकों में अवकाश पर रहे कर्र्मी

स्वास्थ्य विभाग में बहाल किए गए 780 मानवबल को काम पर रखने और हटाने का खेल अभी जारी है। अधिकारियों के बीच इन्हें रखने और हटाने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। रविवार होने और सुबह से ही बारिश के चलते शहरी क्षेत्र में अधिकतर जगहों पर वैक्सीनेशन व टेङ्क्षस्टग का काम नहीं हो सका। वहीं, ग्रामीण इलाकों में मानवबल को छुट्टी दे दी गई थी। शनिवार को ही प्रशासनिक वीडियो कान्फ्रेंसिंग में तय हुआ था कि रविवार को अवकाश दिया जाए और 21 व 22 को महाअभियान में सब लोग काम करेंगे।

सीएस के अधीन सभी अधिकारी बोले नो कमेंट

सीएस के नेतृत्व में काम करने वाले अधिकारी भी मानवबल से काम लेने व नहीं लेने के सवाल पर चुप्पी साधे रहे। सबने एक ही बात कही नो कमेंट। केवल मेगा अभियान पर चर्चा करते रहे। एसीएमओ डा.यूसी शर्मा ने कहा कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। जिला प्रशिक्षण अधिकारी भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। कोरोना जांच के नोडल अधिकारी डा.अमिताभ सिन्हा ने कहा कि टेक्निकल पेच फंस गया है। जब तक सिविल सर्जन की ओर से नियोजन रद करने संबंधी पत्र जारी नहीं किया जाता कुछ नहीं कहा जा सकता। कहा कि इन कर्मियों से ड्यूटी लेने के लिए सिविल सर्जन से बात की है, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बताया। जब तक हटाने संबंधी उनके पास कोई आदेश नहीं आता ये लोग काम कर रहे हैैं।

नियोजित कर्मियों में भी असमंजस

मानवबल में काम करने वाले लैब टेक्नीशियन सुजीत कुमार व विकास कुमार ने कहा कि मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि उनका नियोजन रद कर दिया गया है। उनके प्रभारी की ओर से ऐसी कोई सूचना नहीं मिली। प्रभारी की ओर से भी उन्हें काम पर तैनात किया गया है। ऐसे में सेवा दे रहे हैंं। कर्मियों ने कहा कि आगे क्या होगा, यह पता नहीं।

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