West Champaran News: चुनाव खत्म होने के बाद भी कॉलेज भवन प्रशासन के कब्जे से मुक्त नहीं

एमजेके कॉलेज में बिखरा पड़ा बेंच और कचरा

West Champaran News बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने अधिग्रहित किया था कॉलेज। लेकिन अब तक कॉलेज भवन प्रशासन के कब्जे से मुक्त नहीं किया गया है। इसे लेकर एमजेके कॉलेज के प्राचार्य ने जिला पदाधिकारी से कॉलेज के भवनों को खाली कराने को लेकर लिखा पत्र।

Publish Date:Sat, 28 Nov 2020 10:37 AM (IST) Author: Murari Kumar

पश्चिम चंपारण, जेएनएन। बिहार विधानसभा चुनाव और वाल्मीकि नगर लोकसभा उपचुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने जिले में कई स्कूलों और कॉलेजों को चुनाव कार्य के कारण अधिग्रहित किया था। सभी स्कूलों और कॉलेजों में से एमजेके कॉलेज में वाहनों से पड़ाव स्थल से लेकर ईवीएम क वितरण करने का कार्य किया गया। चुनाव के बाद छठ और दिवाली की छुट्टियां हो गई। अब जबकि छुट्टी समाप्त होने के बाद कॉलेज  खुल गए हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय द्वारा आगामी दो दिसंबर से स्नात्तक पार्ट तीन के परीक्षा की रूटिन निकाल दिया गया है।

 एमजेके कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुरेंद्र प्रसाद केसरी ने जिला पदाधिकारी से कॉलेज के भवनों को खाली कराने को लेकर पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंनेे कहा कि इंटर की सेंटप परीक्षा और संभावित पार्ट वन, टू और थ्री की परीक्षा के आयोजन में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान अधिग्रहित किए गए परिसर और कमरों में से अभी तक एक भी कमरा खाली नहीं किया गया है। कॉलेज के कमरा में अभी तक ताले पड़े हैं। कमरों की खिड़कियों पर जोड़े गए ईंट को अभी तक नहीं हटाई गई है। इसके अतिरिक्त परिसर में भी जहां तहां बांस बल्ले बिखरे पड़े है। ऐसी स्थिति में परीक्षार्थियों की परीक्षा यहां कैसे ली जा सकती है। यदि कमरों को खाली करवा कर फर्निचर नहीं लगवाया गया ताो 4500 परीक्षार्थियों की परीक्षा लेना असंभव है। इसलिए युद्धस्तर पर काम करवाकर कमरों को खालीकर फर्नीचर लगाने का कार्य हो सके। जिससे पार्ट थ्री की परीक्षा संपन्न हो सके।

स्थगित करनी पड़ी थी इंटर सेंटप की परीक्षा

चुनाव कार्य में एमजेके कॉलेज के भवनों के अधिग्रहण के कारण ही कॉलेज प्रशाासन द्वारा इंटर सेंटप टेस्ट की परीक्षा को स्थगित करना पड़ा था। जिसके बाद से अभी तक ये परीक्षा कॉलेज में नहीं हो सकी है। कॉलेज प्रशासन अभी भी भवनेंके अधिग्रहण मुक्त होने के इंतजार में ही है।

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