West Champaran: बगहा में 70 लाख के घपले में फंसे मधुबनी पीएचसी प्रभारी, जांच टीम गठित

पश्चिम चंपारण के बगहा में हुए घोटाले में डीसीएलआर एएसडीएम और बीडीओ की तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच खलवापट्टी निवासी प्रहलाद चौहान ने एसडीएम को आवेदन दे लगाए गंभीर आरोप जांच में आरोप सही होने पर होगी कार्रवाई।

Dharmendra Kumar SinghSun, 25 Jul 2021 02:22 PM (IST)
बगहा में 70 लाख रुपये गबन मामले की होगी जांच। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पश्चिम चंपारण, जासं। मधुबनी प्रखंड के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. बालेश्वर शर्मा 70 लाख रुपये के घपले में फंस गए हैं। प्रखंड के खलवापट्टी निवासी प्रहलाद चौहान ने एसडीएम को आवेदन सौंपते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों की जांच के लिए एसडीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। एसडीएम शेखर आनंद ने बताया कि पीएचसी प्रभारी पर यह आरोप है कि कोरोना महामारी के दौरान अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज की व्यवस्था के लिए सरकार के स्तर से सात-सात लाख रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ।

इस राशि से मरीजों के लिए दवा व अन्य संसाधनों की व्यवस्था की जानी थी। लेकिन, आरोप है कि इस राशि से स्वास्थ्य केंद्रों पर किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं हुई और राशि की निकासी भी कर ली गई। दवाओं का फर्जी वाउचर भी तैयार किया गया। मरीजों को भोजन देने में भी व्यापक पैमाने पर अनियमितता की शिकायत मिली। एसडीएम ने बताया कि एएनएम को आवंटित राशि को स्थानांतरित कर उसे फिर से वसूल लेने का भी आरोप लगा है। चादर धुलाई, वाहन एग्रीमेंट आदि में भी गड़बड़ी की शिकायत मिली है। उधर, लिपिक विजय कुमार श्रीवास्तव पर रोगी कल्याण समिति की राशि को अनाधिकृत रूप से निकाल लेने का भी आरोप लगा है। आशा बहाली में भी वसूली की शिकायत मिली है। इन सभी बिंदुओं पर जांच के लिए तीन सदस्यीय अधिकारियों की टीम गठित की गई है। जांच में यदि आरोप सत्य पाए गए तो फिर कार्रवाई की अनुश्ंसा के साथ जिलाधिकारी को पत्राचार कर दिया जाएगा। उधर, पीएचसी प्रभारी डॉ. शर्मा ने कहा कि उनपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। जांच में इसकी तस्दीक हो जाएगी।

पांच पंचायत सचिवों पर लटकी कार्रवाई की तलवार, जवाब-तलब

बगहा । बगहा दो प्रखंड के पांच पंचायत सचिवों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। पांचों से बीडीओ जयराम चौरसिया ने जवाब-तलब करते हुए 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है। जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो कार्रवाई की अनुशंसा के साथ वरीय अधिकारियों को पत्राचार कर दिया जाएगा। पांचों पर बिना सूचना के प्रखंड स्तरीय समीक्षा बैठक से गायब रहने का आरोप गठित है। बीडीओ ने बताया कि शुक्रवार को योजनाओं की समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। लेकिन प्रखंड के पंचायत सचिव पारस रावत, लालबाबू प्रसाद , जलेश्वर मिश्र, शंभूनाथ पांडेय और राजबली राम बिना सूचना के ही गायब मिले। जिसके कारण जन सरोकारी योजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी नहीं मिल सकी। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। सभी को 24 घंटे के अंदर अपना जवाब सौंपने को कहा गया है।

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