बगहा में नाव के सहारे कट रही जिंदगी, भोजन पर आफत, बोले-एमएलसी सरकारी को दी गई है जानकारी

सिसई पंचायत में नाव नहीं होने के कारण गुड़ बनाने वाले कराह में बैठाकर लोगों को नदी पार कराया जा रहा है। जिससे जान का खतरा बना हुआ है। एमएससी भीष्म सहनी का कहना है कि इसकी जानकारी मिली है सरकार को पत्राचार किया जा रहा है।

Dharmendra Kumar SinghFri, 18 Jun 2021 04:54 PM (IST)
बाढ़़ और बार‍िश से बगहा में लोगों की परेशानी बढ़़ गई है। जागरण

पश्चिम चंपारण, जासं। मधुबनी प्रखंड के सिसई एवं चिउरही पंचायत में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने के बाद लोगोें के समक्ष भोजन का संकट उत्पन्न हो गया है। लोग नाव के सहारे ऊंचे स्थानों पर पलायन करने लगे हैं। एमएससी भीष्म सहनी का कहना है कि इसकी जानकारी मिली है, सरकार को पत्राचार किया जा रहा है। अधिकारी राहत उपलब्ध कराने में कन्नी काट रहे हैं। इन दोनों पंचायतों में सरकारी नाव की व्यवस्था तक नहीं की गई है। सिसई पंचायत में नाव नहीं होने के कारण गुड़ बनाने वाले कराह में बैठाकर लोगों को नदी पार कराया जा रहा है। जिससे जान का खतरा बना हुआ है। मंगलवार की शाम चिउरही पंचायत के वार्ड संख्या एक, चार व पांच मंझार भरवा और उरदही ,चिउरही आदि गांवों में पानी भर गया है। राजस्व कर्मी के द्वारा सीओ रंजीत कुमार को दूरभाष पर इसकी जानकारी दी गई है। लेकिन उनके द्वारा भी अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। जिससे आम लोग काफी परेशान है। सिसई पंचायत के पंचायत समिति सदस्य जयप्रकाश यादव ने बताया कि अंचलाधिकारी को जब बाढ़ की सूचना दी गई तो उनके द्वारा यह कहा गया कि गांव में अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है । जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

सामुदायिक किचन में बाढ़ पीडि़तों को मिल रहा दो वक्त का भोजन

गंडक नदी का पानी धीरे धीरे उतरने लगा है। जिससे बाढ़ पीडि़तो को थोड़ी राहत मिलती दिख रही है। दरअसल, गंडक नदी का जलस्तर तेजी से गिर रहा है। बाढ़ प्रभावितों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है।वहीं, प्रशसान की ओर से थाना क्षेत्र के चकदहवा विद्यालय में सामुदायिक किचन की व्यवस्था की गई है। बताते चलें कि लगातार बारिश और गंडक बराज से 4 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद बीते कुछ दिनों से चकदहवा, रोहुआ टोला और झंडू टोला स्थित एसएसबी 21 वीं बटालियन कैंप बाढ़ की पानी में डूब गया था। कुछ लोग बाढ़ की पानी में अभी भी मचान बनाकर मवेशियों के साथ रह रहे हैं और किसी तरह अपना गुजर बसर कर रहे हैं। पानी तो कुछ कम •ारुर हुआ है, लेकिन ग्रामीणों और बाढ़ पीडि़त जवानों की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं। चकदहवा विद्यालय के प्रांगण में प्रशासन द्वारा खोले गए सामुदायिक किचन से काफी संख्या में ग्रामीण लाभान्वित हो रहे हैं। सामुदायिक किचन में लोगों की भीड़ भोजन करने के लिए लग रही है। इस बाबत सीओ राकेश कुमार ने जब तक स्थिती सामान्य नही हो जाती तब तक सामुदायिक किचन चलता रहेगा।

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