Lalit Narayan Mithila University: डब्लूआइटी के बीटेक कोर्स बायो इन्फार्मेटिक्स में सिर्फ पांच छात्राओं ने कराया नामांकन

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के अधीन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान (डब्लूआइटी)।

Lalit Narayan Mithila University ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के अधीन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान (डब्लूआइटी) में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीएटी) 2020 में सफल 18 छात्राओं को नामांकन के लिए भेजा गया था कॉल लेटर।

Murari KumarSun, 16 May 2021 05:14 PM (IST)

दरभंगा, जागरण संवाददाता। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के अधीन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान (डब्लूआइटी) में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय द्वारा अक्टूबर 2020 में संयुक्त प्रवेश परीक्षा ली गई थी। इसमें चार वर्षीय बीटेक कोर्स के सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी), कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग (सीएसइ), बायो इन्फार्मेटिक्स (बीआइ) शामिल है। संस्थान द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग (सीएसइ) ब्रांच में नामांकन लिए गए। लेकिन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा संस्थान को नए कोर्स बायो इन्फार्मेटिक्स (बीआइ) की मंजूरी मिलने के बाद भी कोर्स में मात्र पांच छात्राओं का ही नामांकन हुआ है।अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद दिल्ली ने डब्लूआइटी को नए कोर्स में 30 सीटों पर नामांकन के लिए मंजूरी दी है। प्रवेश परीक्षा पास 18 छात्राओं को संस्थान के द्वारा कॉल लेटर भेजा गया था। लेकिन सिर्फ पांच छात्राओं ने संस्थान में नामांकन करवाए हैं। 

मिथिला विवि और डब्लूआइटी की लापरवाही से छात्राएं नामांकन से हुई वंचित 

बीटेक के बायो इन्फार्मेटिक्स कोर्स में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा पास छात्राओं को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय और डब्लूआइटी की लापरवाही के कारण नामांकन से वंचित होना पड़ा। नामांकन से वंचित छात्राएं कहती हैं, डब्लूआइटी के द्वारा बहुत लेट कॉल लेटर भेजा गया। एक तो पूर्व में नये कोर्स में नामांकन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही। मिथिला विश्वविद्यालय और कॉलेज को पूर्व में बार-बार नामांकन लेने संबंधित आवेदन दिए थे। लेकिन उस समय उक्त आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिस कारण मजबूर होकर बिहार से बाहर निजी संस्थान में नामांकन लेने पड़ा। उस समय संस्थान द्वारा नामांकन लेने को लेकर कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की गई थी। 

अब तक तैयार नहीं हुई सिलेबस 

नये कोर्स बायो इन्फार्मेटिक्स सत्र 2020-24 में नामांकित छात्राओं ने बताया कि संस्थान के द्वारा काफी लेट नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई। लेकिन अब तक सिलेबस तैयार नहीं हुई है। जैसे-तैसे वर्ग संचालित किया जा रहा है। अब डर सता रहा है कि आखिरकार पांच छात्राओं की पठन-पाठन को लेकर विवि और संस्थान कितनी गंभीर होगी। 

पीबीसी फार्मूले पर मांगे गए थे आवेदन

फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी विषय से इंटरमीडिएट पास छात्राओं से बायो इन्फार्मेटिक्स कोर्स में नामांकन के लिए आवेदन मांगे गए थे। लेकिन बाद में मैथेमेटिक्स को अनिवार्य बताया गया। इसको लेकर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से पत्राचार कर गाइडलाइन मांगी थी। इस को लेकर अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद नई दिल्ली ने सात दिसंबर 2020 को पत्र जारी कर नए कोर्स में नामांकन प्रक्रिया की हरी झंडी देते हुए कहा कि फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी विषय वाले छात्रों को नामांकन के बाद मैथेमेटिक्स विषय भी पढऩा पड़ेगा। उक्त आदेश के दो माह बीत गए हैं। इसके बाद भी नए कोर्स से प्रवेश परीक्षा पास बिहार के विभिन्न जिलों के 22 परीक्षार्थियों के लिए कोई निर्देश नहीं जारी किया जा सका है। 

 इस संबंध में डब्लूआइटी दरभंगा की सदस्य नामांकन कमेटी डॉ. रश्मि कुमारी ने कहा कि बायो इन्फार्मेटिक्स कोर्स में नामांकन को लेकर प्रवेश परीक्षा 2020 पास सभी छात्राओं को कॉल लेटर भेजा गया था। कॉल लेटर के आधार पर नामांकन को पहुंचे सभी छात्राओं का नामांकन हुआ है। 

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