जननी सुरक्षा योजना घोटाले की हो सकती निगरानी जांच!

मुजफ्फरपुर, जेएनएन। औराई में जननी सुरक्षा योजना घोटाले की जाच के लिए राज्य स्वास्थ्य निदेशक आरडी रंजन व उपनिदेशक नागेश्वर प्रसाद पीएचसी पहुंचे। पीएचसी में लाभुकों को बुलाकर पूछताछ की। जिप प्रतिनिधि संजय किंकर ने स्वास्थ्य निदेशक से मुलाकात कर घोटाले से संबंधित सबूत पेश किया और कहा कि जननी सुरक्षा योजना के संचालित बैंक खाता को आखिर किस परिस्थिति में बंद किया गया। वह भी जाच के दायरे में है। लाभुकों को अकाउंट पेयी चेक देना था, पर बेयरर चेक क्यों दिया गया। इसपर स्वास्थ्य निदेशक आरडी रंजन ने एकाउंटेंट नीरज कुमार से पूछा तो उसने चुप्पी साध ली। स्वास्थ्य निदेशक ने बताया कि जाच में काफी अनियमितताएं सामने आई हैं। इसकी रिपोर्ट की जाएगी। यह मामला निगरानी जाच में भी जा सकता है। उन्होंने पूर्व में हुई जाच पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर पूर्व अकाउंटेंट मनोरंजन झा एवं अमन कुमार की बर्खास्तगी के बाद अभी तक इन्वेंटरी क्यों नहीं पेश की गई। इन्वेंटरी पेश नहीं होने के कारण कोर्ट द्वारा उसे कभी भी निलंबन मुक्त किया जा सकता है। बाद में आशा सुनीता देवी सहित दर्जनों आशा ने स्वास्थ्य निदेशक के सामने मानदेय नहीं मिलने को लेकर हंगामा किया। पीएचसी के कर्मी मानदेय भत्ता के नाम पर डाट कर भगा देते हैं। निदेशक ने 30 नवंबर तक सभी का भत्ता भुगतान करने का आदेश दिया।

ज्ञात हो कि पीएचसी में लगभग ढाई साल पूर्व एक करोड़ से भी अधिक 750 फर्जी चेक भुगतान का मामला सामने आया था। औराई के सिमटोका निवासी राकेश कुमार ने इसकी शिकायत की थी। लाभुकों को मिलने वाले चेक को फर्जी अंगूठे के निशान द्वारा उठा लिया गया था। वहीं सीतामढ़ी स्टेट बैंक की बाजार समिति शाखा से गलत ढंग से भुगतान कराया गया था। बाद में भाजपा जिलाध्यक्ष रामसूरत राय ने 30 मई 2018 को स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर फर्जीवाड़े की जानकारी दी थी।

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