Indo-Nepal Relation News: राजनीति‍क मलाई खाने के चक्‍कर में बासी पड़ता जा रहा बेटी-रोटी का संबंध

Indo-Nepal Relation News वाहनों का आवागमन नहीं होने से नए संबंधों पर लगा विराम बारात ले जाना हुआ मुश्किल। कोरोना संक्रमण को ले दोनों देशों की सहमति से एक साल से बंद है भारत-नेपाल सीमा। एक साल से वे एक-दूसरे के समारोहों में भी शरीक नहीं हो पा रहे।

By Ajit kumarEdited By: Publish:Thu, 04 Mar 2021 12:51 PM (IST) Updated:Fri, 05 Mar 2021 08:10 AM (IST)
Indo-Nepal Relation News: राजनीति‍क मलाई खाने के चक्‍कर में बासी पड़ता जा रहा बेटी-रोटी का संबंध
सीमावर्ती लोगों को नए संबंध बनाने में अभी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। फोटो: जागरण

मधुबनी, जासं। पिछले एक साल से भारत-नेपाल सीमा बंद है। सीमा पर आवागमन प्रभावित है। खुली सीमा के कारण अनाधिकृत रूप से लोगों का पैदल इस पार से उस पार जाना तो हो जाता है, लेकिन वाहनों के नहीं चलने से सामानों को ले जाना मुश्किल है। इसका सीधा असर भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में सदियों से कायम बेटी-रोटी के संबंध पर पड़ रहा है। पहले लोग बेरोकटोक एक-दूसरे के सुख-दु:ख में शरीक होते रहे हैं, लेकिन पिछले एक साल से यह नहीं हो पा रहा। नए संबंधों पर भी विराम लगा हुआ है। अभी मिथिलांचल में लगन का समय चल रहा है। नए रिश्ते बन रहे हैं, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्र में नए संबंध बनाना अभी भी मुश्किल है। बता दें कि सीमावर्ती भारतीय क्षेत्र के कई महिला-पुरुषों का वैवाहिक संबंध सीमा के उस पार नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में है। पिछले एक साल से वे एक-दूसरे के समारोहों में भी शरीक नहीं हो पा रहे।

नए संबंध बनाने से कतराने लगे लोग

सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को नए संबंध बनाने में अभी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों के आवागमन पर रोक के कारण लोगों को शादी-विवाह में ज्यादा खर्च वहन करना पड़ रहा है। इस कारण दोनों देशों के लोग नए संबंध बनाने से कतराने लगे हैं। सीमा के इस पार से उस पार बारातियों को ले जाना मुश्किल है। अगर किसी तरह व्यवस्था हो भी गई तो अनावश्यक खर्च का सामना करना पड़ रहा है।

वाहनों के आवागमन पर रोक से बढ़ी मुश्किलें

पिछले माह खिरहर थाना क्षेत्र के पहरा गांव के विकास गोस्वामी की शादी नेपाल के लहान गांव में ठीक हुई। शादी में लड़के व बारातियों को जाने के लिए सीमा तक के लिए अलग गाड़ी की व्यवस्था की गई। वहीं, लड़की वालों के सहयोग से नेपाल के अंदर जाने के लिए अलग गाड़ी ठीक करना पड़ा। पिछले माह में ही बासोपट्टी के जीवछ महतो ने अपनी लड़की की शादी नेपाल के कुर्था गांव में की। शादी को लेकर फलदान के लिए सामान के साथ पैदल सीमा पार करना पड़ा। इन समस्याओं के कारण सीमावर्ती क्षेत्र के लोग अब नए संबंध बनाने से कतराने लगे हैं। एसएसबी 48वीं वाहिनी के कमांडेंट शंकर सिंह ने कहा क‍ि फिलहाल सीमा खोलने को लेकर कोई आधिकारिक निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। निर्देश मिलते ही सीमा खोल दिया जाएगा और स्थिति पूर्ववत हो जाएगी।

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