पश्‍च‍िम चंपारण में करवा चौथ पर सुहाग की सलामती के लिए महिलाओं ने रखा व्रत

West Champaran महिलाओं ने किया व्रत। चंद्रदर्शन और पूजन के बाद किया पारण। अखंड सुहाग और सौभाग्य प्राप्ति की सुहागिनों ने की कामना। पश्‍च‍िम चंपारण में महिलाओं ने पूरे उत्साह और भक्ति भाव से मनाया करवा चौथ।

Dharmendra Kumar SinghSun, 24 Oct 2021 05:34 PM (IST)
पश्‍च‍िम चंपारण में चांद का दीदार करती व्रती महिला। जागरण

पश्चिमी चंपारण, जासं। अखंड सुहाग और सौभाग्य प्राप्ति की कामना को लेकर रविवार को पश्चिमी चंपारण जिले में बेतिया की महिलाओं ने करवा चौथ पर्व पूरे उत्साह और भक्ति भाव से मनाया। महिलाएं दिनभर निराहार रही। चन्द्रोदय होने पर चन्द्रमा को अर्घ दिया और पूजन किया। सामुहिक रूप से करवाचौथ की कथा को सुनने के बाद व्रत का पारण किया। पारंपरिक परंपरा और लोक रिवाज के अनुसार चांद पूजन के दौरान महिलाओं ने चलनी में दीपक रख अपने पति के चेहरे को देखा और चौथ माता से अपने अखंड सुहाग की कामना की। व्रतधारी महिलाओं ने अपने पति के हाथ से पानी पीने और मिठाई से व्रत का पारण करने की रस्म निभाई। करवा चौथ पर महिलाओं ने सज धज कर सोलह श्रृंगार किया।

मंदिरों में दर्शन करने के साथ घर-परिवार के बड़े-बुजुर्गो से आर्शीवाद प्राप्त किया। करवा चौथ को लेकर घर-घर में उल्लास और खुशियों का वातावरण रहा। घर-परिवार की महिलाओं ने सामुहिक रूप से पूजन कर व्रत का पारण किया। करवा चौथ पर महिलाओं ने चन्द्रोदय के दौरान घरों की छतो पर मिट्टी से बने करवे में जलपूर्ण कर चन्द्रमा को अर्ध दिया और विविध पूजन सामग्रियों से पूजन कर अखंड सुहाग की कामना की। महिलाओं ने भगवान गणेश, शिव, पार्वती का पूजन किया। घर,परिवार और मोहल्ले की महिलाओं के साथ करवा चौथ की कथा को सुना। ज्योतिषाचार्य राधे श्याम पाठक के अनुसार करवा चौथ के दिन भगवान गणेश एवं मां पार्वती के पूजन का विशेष महत्व है। मिट्टी के कलश में जलपूर्ण कर उसमें तिल, चावल डालकर करवा दान किया जाता है।

व्रतियों ने की सोलहो श्रृंगार

करवा चौथ व्रत के अवसर पर व्रती पूजन के पहले सोलहो श्रृंगार की। नए-नए वस्त्र और आभूषणों से सज धज कर तैयार हुई। कई महिलाओं ने अपने हाथों पर मेंहदी रचवाए। वहीं कई महिलाएं ब्यूटी पार्लर में सज-धज कर तैयार हुई। चन्द्रदर्शन व पूजन के दौरान सोलह श्रृंगार में सजी महिलाओं ने करवा चौथ पर पूजन किया। करवा चौथ पर शहर के बाजार में विशेष रौनक रही। फल, मिठाईयां, सुहाग सामग्री, साडिय़ा, सोना-चांदी के आभूषण,उपहार आदि की दुकानों पर भीड़ रही। करवा चौथ व्रत पर पतियों ने अपनी पत्नियों के लिए आभूषण, साडिय़ा, विभिन्न प्रकार के उपहार खरीदे। वहीं करवा चौथ पूजन के लिए पूजन सामग्री और मिट्टी के बर्तनों की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही।

सुहाग की सलामती के लिए महिलाओं ने रखा व्रत

सुहाग की सलामती व पति की दीर्घायु की कामना के लिए मैनाटांड़ में भी महिलाओं ने रविवार को करवा चौथ का व्रत रखा। दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद शाम में महिलाएं सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर उनसे सुहाग की सलामती की दुआ मांगी। फिर रात में चांद का दीदार करने के बाद पति के हाथों से अन्न-जल ग्रहण कर व्रत समाप्त किया। आचार्य राजेश पांडेय बताते हैं कि ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर द्रौपदी ने करवाचौथ का व्रत रखा था। करवा चौथ का त्योहार पति-पत्नी के मजबूत रिश्ते, प्यार व विश्वास का प्रतीक है। सुहागिन महिलाओं के द्वारा करवा चौथ करने से पति की आयु भी लंबी होती है और दांपत्य जीवन सुखी रहता है।

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