मुजफ्फरपुर में बोले मानवाधिकार कार्यकर्ता,तिब्बत की आजादी के लिए भारत को करना होगा प्रयास

विश्व मानवाधिकार दिवस पर भारत तिब्बत मैत्री संघ जिला इकाई की ओर से तिब्बत आदोलन की अद्यतन स्थिति विषय पर संगोष्ठी हुई।

JagranPublish:Fri, 11 Dec 2020 02:02 AM (IST) Updated:Fri, 11 Dec 2020 02:02 AM (IST)
मुजफ्फरपुर में बोले मानवाधिकार कार्यकर्ता,तिब्बत की आजादी के लिए भारत को करना होगा प्रयास
मुजफ्फरपुर में बोले मानवाधिकार कार्यकर्ता,तिब्बत की आजादी के लिए भारत को करना होगा प्रयास

मुजफ्फरपुर। विश्व मानवाधिकार दिवस पर भारत तिब्बत मैत्री संघ जिला इकाई की ओर से तिब्बत आदोलन की अद्यतन स्थिति विषय पर संगोष्ठी हुई। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रशात गौतम ने सभी का अभिनंदन किया। विषय प्रवेश डॉ. ब्रजेश कुमार शर्मा ने कराया। डॉ.हरेंद्र कुमार ने कहा कि शाति की प्रतिमूíत के रूप में दलाईलामा को देखा जा रहा है। पूरी दुनिया उनमें गाधी के बाद उनके अनुयायी की छवि देख रही है। दुनिया में सर्वाधिक मानवाधिकार का हनन तिब्बत में हो रहा है। प्रो.अरुण कुमार सिंह ने कहा कि चीन लगातार छोटे-छोटे देशों को परतंत्र कर रहा है। अध्यक्षता करते हुए डॉ.विकास उपाध्याय ने कहा कि तिब्बत की आजादी के लिए भारत को प्रयासरत रहना चाहिए। मुख्य वक्ता भारत तिब्बत सहयोग मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक सुरेंद्र कुमार ने कहा कि विश्व घोषणा से प्रदत सभी मानव अधिकारों का दमन किया गया है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संघ बनाने की स्वतंत्रता, सास्कृतिक धरोहर की रक्षा, धाíमक स्वतंत्रता इन सबका निर्दयता पूर्वक दमन किया है जिसमें असंख्य बौद्ध मंदिरों को भी विध्वंस किया गया है। धन्यवाद ज्ञापन दिव्याशु सौरव और कार्यक्रम का संचालन प्रभात कुमार ने किया। मौके पर राधेश्याम सिंह, केके प्रशात, रणधीर कुमार शर्मा, संदीप रंजन, सुनील कुमार, हेमराज विश्वकर्मा, नवीन पनियारी समेत अन्य मौजूद थे।

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सब्जी-फल के लिए हो चलंत बाजार की व्यवस्था : अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ की बैठक गुरुवार को साहू पोखर स्थित एक सभागार में आयोजित की गई। इसमें कोरोना महामारी के प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। सदस्यों ने कहा कि संघ की ओर से इससे बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही फल-सब्जी के लिए चलंत बाजार की व्यवस्था करने की मांग की गई। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर भी चर्चा की गई। मौके पर बसंत कुमार, नीरज कुमार, कृष्ण माधव सिंह, भोला प्रसाद, हरिनारायण, विजय कुमार, मिथिलेश कुमार, सुरेंद्र सौरभ, आनंद मोहन, दिनमणि आनंद आदि मौजूद थे।