Happy Vishwakarma Puja 2021: देवशिल्पी विश्वकर्मा की पूजा आज, आकर्षक ढंग से सजाए गए मोटर गैराज व वर्कशाप

Happy Vishwakarma Puja 2021 छोटे-बड़े दुकान गैराज व मंदिर में पूजा को लेकर रंग रोगन। कई स्थानों पर प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। मोटर वर्क शाप गैराज सहित विभिन्न जगहों पर प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी जोरों पर है।

Ajit KumarFri, 17 Sep 2021 09:08 AM (IST)
वाहन धुलाई के लिए मोटर गैरेजों में लगी गाडिय़ों की लंबी लाइनें।

मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। Happy Vishwakarma Puja 2021: सृजन और निर्माण के देव भगवान विश्वकर्मा पूजा की तैयारी पूरी कर ली गई है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सृजन के आदि देव भगवान विश्वकर्मा की पूजा अर्चना के लिए जगह-जगह प्रतिमा स्थापित कर पूजा करने की तैयारी है। वर्कशाप, प्लाई मिल, आटा चक्की मिल, मोटर गैराज, मोबाइल सेंटर, हार्डवेयर, वाहन शोरूम समेत छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पूजा के लिए लोग तैयारियों में जुटे हैं। छोटे-बड़े दुकान, गैराज व विश्वकर्मा मंदिर में पूजा को लेकर साफ-सफाई एवं रंग रोगन जारी है। कई स्थानों पर प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। तकनीकी संस्थान, मोटर वर्क शाप, गैराज सहित विभिन्न जगहों पर भव्य पंडाल बनाकर प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी जोरों पर है।

मूर्ति खरीदारी के लिए शिल्पकारों के यहां देर रात तक भीड़ लगी रही। सुबह से ही लोग पूजा प्रसाद के लिए फूल-फल, मिठाइयों की खरीदारी में लगे रहे। सुबह छह बजे से अगले दिन तक मुहूर्त होने के कारण लोगों की परेशानी थोड़ी कम होगी। विश्वकर्मा मंदिर बीबीगंज, चांदनी चौक सहित अन्य मंदिरों में भगवान विश्वकर्मा को सजाया गया। आमगोला, हरिसभा चौक, गोशाला आदि जगहों पर मूर्तिकारों ने बताया कि करीब 200 मूर्तियों की बिक्री हुई है। कोविड के कारण लोगों का उत्साह थोड़ा कम है। कोविड काल के पहले तीन से चार सौ मूर्तियां बेच लेते थे। फलित दर्शन ज्योतिष अनुसंधान के पंडित प्रभात मिश्र ने कहा कि विश्वकर्मा के पूजन से सभी को प्राकृतिक ऊर्जा मिलती है।

ऐसे करें भगवान विश्वकर्मा की पूजा

विश्वकर्मा की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री जैसे अक्षत, फूल, चंदन, धूप, अगरबत्ती, दही, रोली, सुपारी,रक्षा सूत्र, मिठाई, फल आदि की व्यवस्था कर लें। इसके बाद फैक्ट्री, वर्कशाप, दुकान आदि के स्वामी स्नान करके सपत्नीक पूजा के आसन पर बैठकर पूजन करें। श्रद्धा से पूजा करने मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।  

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.