समस्तीपुर के किराना दुकानदार की गोली मारकर हत्या, विरोध में सड़क जाम

बताया जाता है कि एक सप्ताह पूर्व अपराधियों ने उक्त दुकानदार से पांच लाख रुपये रंगदारी देने की मांग की थी। पीड़ित ने इससे संबंधित प्राथमिकी थाने में दर्ज भी कराई थी। पुलिस अभी मामले की जांच ही कर रही थी कि अपराधियों ने घटना को अंजाम दे दिया।

Ajit KumarSun, 26 Sep 2021 12:15 PM (IST)
कुछ दिनों पूर्व भी अपराधियों ने मांगी थी रंगदारी।

समस्तीपुर, जागरण संवाददाता। मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बथुआ गांव में रविवार की सुबह करीब 10.30 बजे किराना दुकानदार चंद्रभूषण प्रसाद (66) की बाइक सवार अपराधियों ने हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद सभी पश्चिम दिशा की ओर हथियार लहराते हुए भाग निकले। बताया जाता है कि एक सप्ताह पूर्व अपराधियों ने उक्त दुकानदार से पांच लाख रुपये रंगदारी देने की मांग की थी।

पीड़ित ने इससे संबंधित प्राथमिकी थाने में दर्ज भी कराई थी। पुलिस अभी मामले की जांच ही कर रही थी कि अपराधियों ने घटना को अंजाम दे दिया। अन्य दिनों की भांति रविवार दुकानदार चंद्रभूषण प्रसाद अपनी दुकान को खोलकर बैठे थे। ग्राहकों के आने जाने का क्रम भी जारी था। करीब 10.30 बजे दो बाइक पर सवार चार लोग दुकान पर पहुंचे। एक बाइक दुकान के सामने रूकी जबकि दूसरी बाइक दुकान से करीब 100 गज पीछे। दुकान के सामने रुकी बाइक से उतरकर एक युवक दुकानदार के पास गया और बोला कि तुमसे पैसे की मांग की गई थी अभी तक नहीं दिया। पुलिस में केस दर्ज कराने से क्या होगा। जितना पुलिस वाले को सरकार वेतन देती है उससे ज्यादा हम देते है। अब मरो...। यह कहते ही उसने एक गोली उनके मुंह में मार दी। तत्क्षण वे लुढ़क गए। इसके बाद बाइक सवार पिस्टल लहराते हुए भाग निकला। गोली की आवाज सुनकर दौड़े स्वजन उन्हें लेकर अस्पताल आए। जहां पर चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

घटना के बाद लोगों ने शव के साथ मुसरीघरारी में सड़क जाम कर दिया। लोग पुलिस प्रशासन के विरोध में नारे लगाने लगे। पुलिस घटनास्थल पर मौजूद है। मृतक के पुत्र ने बताया कि 15 दिनों पूर्व राजेश पाल नामक व्यक्ति ने मोबाइल फोन पर पांच लाख रुपये रंगदारी देने की मांग की थी। साथ ही यह भी कहा था कि मैं ही राजेश पाल हूं। मैंने ही शशि झा की हत्या की है। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। एसपी के निर्देश पर मुसरीघरारी थाने में प्राथमिकी भी दर्ज हुई। तकनीकी अनुसंधान भी शुरू हुआ। कभी मोबाइल का टावर असम तो कभी कहीं और दिखाता था। जांच पूरी हुई नहीं इसके पूर्व ही अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दे डाला। 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.