डीएसपी बनकर शिवहर स्थित गांव लौटे फैज आजम सबा का शानदार स्वागत

शिवहर जिले के गढ़वा वार्ड दो निवासी फैज आजम सबा ने हाल ही में बीपीएससी में पाई सफलता मिला था 48वीं रैंक डीएसपी पद के लिए चयन। चमनपुर गांव में गाजे-बाजे की धुन के बीच फूल -माला से उनका भव्य स्वागत किया गया। चमनपुर से गढ़वा तक उनका कारवा पहुंचा।

Ajit KumarFri, 15 Oct 2021 01:27 PM (IST)
गांव पहुंचते ही फूल माला से किया गया स्वागत। फोटो: जागरण

शिवहर, जासं। बीपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर डीएसपी बने गढ़वा के लाल फैज आजम सबा का शानदार स्वागत किया गया गया। डीएसपी बनने के बाद पहली बार गांव पहुंचे फैज का शिवहर शहर से लेकर उनके गांव गढ़वा तक शानदार स्वागत किया गया। लोगों ने फूल माला से उनका भव्य स्वागत किया। चमनपुर गांव में गाजे-बाजे की धुन के बीच फूल -माला से उनका भव्य स्वागत किया गया। चमनपुर से गढ़वा तक उनका कारवा पहुंचा। उनकी सफलता की खुशी में युवाओं ने आतिशबाजी भी की। घर पहुंचते ही माता-पिता ने गले लगाकर स्वागत किया। 

बताते चलें कि गढ़वा वार्ड दो निवासी किसान मो. इजहार मंसूरी व मेहरूनिशां के पुत्र फैज आजम सबा ने बीपीएससी परीक्षा में 48 वां रैंक प्राप्त किया था। उनका का चयन बिहार पुलिस सेवा में डीएसपी के पद पर हुआ है। गढ़वा निवासी फैज की प्रारंभिक शिक्षा शिवहर में हुई। जामिया मिलिया इस्लामिया से वर्ष 2015 में डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग की। जेएसएस एकेडमी आफ टेक्निकल एजुकेशन नोयडा से वर्ष 2018 में सिविल इंजीनियरिंग किया। वर्ष 2019 से दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच बीपीएससी की 65 वीं परीक्षा में उन्होंने सफलता प्राप्त किया है। फैज ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। फैज दो भाई व दो बहन में बड़े हैं। शिवहर पहुंचे फैज ने कहा कि शिक्षा के बगैर कुछ भी संभव नहीं। अच्छी शिक्षा और मेहनत के बल पर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने गांव के बच्चों और युवाओं को पढ़ाई कर अपने मुकाम को हासिल करने की अपील की।

दुर्गापूजा की 50 वीं वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम

साहेबगंज (मुजफ्फरपुर), संस : प्रखंड के हलीमपुर स्थित नागा मठ में दुर्गा पूजा के 50 वर्ष पूरा होने पर ग्रामीण काफी श्रद्धापूर्वक माता रानी की पूजा-अर्चना कर रहे हैं जहां श्रद्धालुओं की उमड़ रही है। स्थानीय मुकेश कुमार ने निजी कोष से माता रानी की भव्य प्रतिमा बनवाई है। प्रतिमाओं की साज-सज्जा बाहरी कारीगरों द्वारा कराया है। यहां दान देने वालों का तांता लगा हुआ है। यहां विशेष कार्यक्रम भी होना है। ग्रामीणों ने बताया कि 50 वर्ष पूर्व जन सहयोग से हलीमपुर नागा मठ में दुर्गापूजा का आयोजन प्रारंभ हुआ था। आयोजन में युवक सर्वाधिक सक्रिय हैं।

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