राज्यपाल फागू चौहान का दावा, बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली में तेजी से हुआ विकास

लनामिविवि के 49 वें स्थापना दिवस पर समारोह को कुलाधिपति ने आनलाइन किया संबोधित। जुबली हाल में आयोजित समारोह को आनलाइन संबोधित करते हुए कुलाधिपति ने कहा कि सत्र 2021-22 में विश्वविद्यालय की स्वर्ण जयंती और ललित बाबू की जन्मशती का सुखद संयोग है।

Ajit KumarFri, 06 Aug 2021 09:00 AM (IST)
बिहार की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है, इसलिए हमें कृषि विकास अधिक तेज करना होगा।

दरभंगा, जासं। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के 49 वें स्थापना दिवस एवं स्वर्ण वर्ष के प्रवेश पर्व पर गुरुवार को कुलाधिपति फागू चौहान ने समारोह का आनलाइन उद्घाटन किया। मिथिला विवि के जुबली हाल में आयोजित समारोह को आनलाइन संबोधित करते हुए कुलाधिपति ने कहा कि सत्र 2021-22 में विश्वविद्यालय की स्वर्ण जयंती और ललित बाबू की जन्मशती का सुखद संयोग है। अपनी आधी सदी के सफर में विश्वविद्यालय शिक्षा प्रणाली एवं संकायों के अन्तर्गत उल्लेखनीय मानक स्थापित करने में सफल रहा है। ललित नारायण मिश्र की जन्मशती समारोह को लेकर कहा कि मिथिला में रेल, मिथिला चित्रकला, मैथिली भाषा और कोशी नहर योजना में ललित बाबू की भूमिका अहम थी। कुलाधिपति ने कहा कि बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। लेकिन साक्षरता, स्वास्थ्य, सकल घरेलू उत्पाद आदि क्षेत्रों में हम राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे हैं। बिहार की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है, इसलिए हमें कृषि विकास के प्रयासों को और अधिक तेज करना होगा। महामहिम ने कोरोना काल में आनलाइन वर्गों के संचालन को लेकर कहा मिथिला विश्वविद्यालय द्वारा पांच सौ से अधिक इंटरऐक्टिव क्लासेज के संचालित होने और विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर चार हजार पाठ्य सामग्री उपलब्ध होना छात्रहित में है। 

समारोह के मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मिथिला विद्वानों की भूमि रही है। ऐसी महान भूमि में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय स्थापित है, और इसी महान भूमि के सपूत स्व. ललित नारायण मिश्र ने मिथिला समेत पूरे भारत में अपनी अलग पहचान बनाई। कहा कि मैं विश्वविद्यालय के स्थापना काल का छात्र रहा हूं। इसके विकास में सहयोग से मुझे खुशी होगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कालेजों का नैक से ससमय मूल्यांकन होना चाहिए। कहा ललित बाबू ज्योतिपुंज थे तथा स्नेहिल स्वभाव के थे। वे मिथिला के विकास के लिए समर्पित थे।

लनामिविवि के कुलपति प्रो. सुरेंद्र प्रताप ङ्क्षसह ने कहा कि आज विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के पचासवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। दो फरवरी 2022 को ललित बाबू की जन्मशती है, इसलिए हमने इस सत्र को विश्वविद्यालय की स्वर्ण जयंती एवं ललित बाबू की जन्मशती पर एकाग्र किया है। कहा कि शोध-कार्यों का प्रकाशन, सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन विश्वविद्यालय की नियमित गतिविधियां हैं। कोरोना महामारी के इस भयावह दौर में हमने आनलाइन वर्गों के संचालन में कीर्तिमान स्थापित किया है। इस दिशा में विश्वविद्यालय में व्यापक डिजिटल प्लेटफार्म का निर्माण किया जा रहा है। कहा कि भूमंडलीकरण के इस युग में हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कृतसंकल्पित हैं, ताकि हमारे छात्र-छात्राएँ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। कुलपति ने बिहार स्टार्टअप नीति-2017, यूजीसी की स्टार्टअप योजना और यूनिसेफ तथा आइसीएसएसआर कोलेबोरेशन के तहत विकास अनुदानों का उल्लेख किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय परिसर स्थित ललित बाबू, बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर आदि महापुरुषों की प्रतिमाओं पर कुलपति, प्रतिकुलपति, कुलसचिव एवं अन्य पदाधिकारियों के माल्यार्पण से हुआ। उद्घाटन सत्र में ललित कला संकाय के छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। उद्घाटन सत्र का समापन प्रति कुलपति प्रो. डॉली सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापित कर किया। 

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