मुजफ्फरपुर में ग्राहकों के खाते से करोड़ों के फ्राड में लपेटे में आएंगे कई बैंककर्मी व हवाला कारोबारी

बैंककर्मी की मिलीभगत से पंजाब नेशनल बैंक के ग्राहकों के खाते से करोड़ों के फर्जीवाड़े मामले में कैशियर नितेश कुमार सिंह समेत चार आरोपितों से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।

JagranSat, 21 Aug 2021 01:53 AM (IST)
मुजफ्फरपुर में ग्राहकों के खाते से करोड़ों के फ्राड में लपेटे में आएंगे कई बैंककर्मी व हवाला कारोबारी

मुजफ्फरपुर। बैंककर्मी की मिलीभगत से पंजाब नेशनल बैंक के ग्राहकों के खाते से करोड़ों के फर्जीवाड़े मामले में कैशियर नितेश कुमार सिंह समेत चार आरोपितों से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। इन सभी के पूछताछ में और कई बैंककर्मी लपेटे में आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। पूछताछ में मिले जानकारी पर विशेष टीम विभिन्न जगहों पर शुक्रवार की देर शाम तक कई जगहों पर छापेमारी की। इसके अलावा पूछताछ में यह भी पता चल चुका है कि बैंक के ग्राहकों के खाते से राशि हवाला कारोबारियों के माध्यम से इन आरोपितों के पास पहुंचती थी। इस दिशा में कई हवाला कारोबारियों के ठिकाने के बारे में पुलिस को पता चला है। जिसके जरिए विशेष टीम इन सभी पर नकेल कसने की कवायद में जुटी है। बताया गया कि कोलकाता व बेंगलुरु के कई हवाला कारोबारी इसमें शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि कोलकाता के दो हवाला कारोबारियों की शीघ्र ही गिरफ्तारी को टीम यहां से रवाना होगी। पुलिस का कहना है कि आरोपितों के पूछताछ में मिली जानकारी पर चार टीमें विभिन्न जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान और कई तरह के कागजात पुलिस को हाथ लगे है। कई कागजात पर अधिकारी का साइन भी मिला। पुलिस का कहना है कि शुक्रवार को बैंककर्मी के माड़ीपुर स्थित डेरा पर भी तलाशी ली गई थी। इस दौरान खाता खोलने वाला फर्म आदि कागजात मिले है। इन सभी को पुलिस ने जब्त कर लिया है। कहा कि शनिवार को बैंक खुलने के बाद इसका मिलान कराया जाएगा। मामले में जब बैंककर्मी नितेश से पूछताछ की गई तो वह घूमा-फिराकर बात करने लगा। दूसरी ओर पुलिस की एक टीम वैशाली लहलादपुर में आरोपित राजेश कुमार के घर और तुर्की पुपरी में मंजय के घर पर देर शाम तलाशी ली। इन दोनों जगहों से भी कुछ कागजात मिले हैं। इसकी जांच की जा रही है। बता दें कि सालों से पीएनबी में फर्जीवाड़े का खेल चल रहा था। इसमें बैंककर्मी नितेश के द्वारा ग्राहकों का डिटेल्स लेकर जफर को दिया जाता था। इसके बाद जफर व अन्य लोगों द्वारा फर्जी आधार कार्ड बनाकर उसी से ग्राहक के मोबाइल नंबर का पोर्ट कराकर फर्जीवाड़ा किया जाता था। बताते चलें कि मामले में बैंककर्मी समेत चार आरोपितों को जेल भेजा गया था। इन सभी को पुलिस की अर्जी पर तीन दिनों का रिमांड पर लेकर पूछताछ अवधि पूरा होने के बाद इन सभी को फिर न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा।

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