गुजरता गया वक्त, नहीं बदले हालात

निगम की सरकार ने अपने कार्यकाल का चार वर्ष पूरा कर लिया।

JagranThu, 10 Jun 2021 03:32 AM (IST)
गुजरता गया वक्त, नहीं बदले हालात

मुजफ्फरपुर : निगम की सरकार ने अपने कार्यकाल का चार वर्ष पूरा कर लिया। वक्त गुजरता गया लेकिन शहर के हालात नहीं बदले। निगम की सरकार का चार साल लड़ाई-झगड़े, राजनीतिक वाद-विवाद, अनियमितताओं, घोटालों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच समाप्त हो गया। इस अंतराल में शहर की कुछ सड़कों एवं नालियों का निर्माण हुआ। करोड़ों रुपये के उपकरणों की खरीद भी हुई। सफाई के नाम पर वाहनों को खूब तेल पिलाया गया। मच्छरों को मारने के लिए भी तेल जलाए गए। लेकिन न शहर साफ-सुथरा हुआ और न ही मच्छरों से मुक्ति मिल पाई। जल जमाव से निजात दिलाने के लिए नालियों की उड़ाही पर निगम का खजाना लुटाया गया लेकिन जल-जमाव से मुक्ति नहीं मिली। शहरवासियों को पानी पिलाने की योजनाएं बनती रही लेकिन शहरवासियों की प्यास नहीं बूझी। चार साल में न शहर एक मात्र जुब्बा सहनी पार्क का विकास हुआ और न ही एकमात्र नगर निगम आडिटोरियम का विकास। हां, उनके विकास की योजनाएं कागज पर जरूरी बनती रही। सार साल में विकास की जगह जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच वर्चस्व एवं अधिकारों को लेकर टकराव जरूर होता रहा। मामला केस-मुकदमा तक भी पहुंचा। इस बीच निगम सरकार को चार आईएएस नगर आयुक्त भी मिले फिर भी न निगम की कार्य संस्कृति बदली और न ही शहर के विकास को नया आयाम मिला। चार साल में बोर्ड एवं सशक्त स्थायी समिति की बैठकें हुई, फैसले भी लिए गए लेकिन अधिकांश का अनुपालन नहीं हुआ। इस दौरान महापौर को निगम सरकार की कुर्सी गंवानी पड़ी लेकिन उन्होंने फिर से अपनी मैदान में उतर अपनी खोई कुर्सी हासिल कर लिया। इन तमाम विसंगतियों के बीच एक अच्छा काम जरूर हुआ, शहर एलईडी लाइट से रोशन हो गया।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.