Madhubani News:पटाखों के भंडारण व उपयोग को ले अग्‍न‍िशमन विभाग ने जारी की एडवाइजरी

Madhubani News पटाख भंडारण स्थल पर विशेष सतर्कता बरतने की अपीलपटाखा फोडऩे के दौरान बच्चों पर नजर रखने की वयस्कों से अपील घर में अधिक पटाखों के भंडारण व पटाखा फोडऩे से बचने की दी नसीहत ।

Dharmendra Kumar SinghTue, 26 Oct 2021 05:30 PM (IST)
पटाखा के भंडारण और उपयोग करने के दौरान विशेष सावधानी जरूरी। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

मधुबनी (जयनगर), जासं। अनुमंडल मुख्यालय के अग्‍न‍िशमन विभाग के प्रभारी सुभाष प्रसाद स‍िंह ने दीपावली और लोक आस्था के महापर्व छठ के दौरान पटाखा के भंडारण और उपयोग करने के दौरान विशेष सावधानी बरतने का अनुरोध करते हुए एक एडवाइजरी जारी की है। पटाखा कारोबारियों को भंडारण स्थल पर दो वाटर सीओटू 19 लीटर क्षमता वाले, दो डीसीपी 6 केजी क्षमता वाले पोर्टेबल अग्निशमन यंत्र और दो ड्रम पानी रखने की हिदायत दी है, ताकि किसी प्रकार के अगलगी की घटना होने पर उसपर नियंत्रण पाया जा सके।

अग्निशमन विभाग ने बच्चों द्वारा पटाखा छोड़े जाने के दौरान व्यस्कों को मौजूद रहने की सलाह दी है। साथ ही तंग गली और घर में बच्चों के पटाखा नहीं छोडऩे पर नजर रखने की अपील की गई है। आतिशबाजी करने से पूर्व उस पर लिखे गए बरती जाने वाली सावधानियों का पालन किया जाना चाहिए। आतिशबाजी करने समय आसपास एक बाल्टी पानी रखने की भी अपील की है। घी और तेल के दीपक जलाने के समय कपड़े और ज्वलनशील पदार्थ को दूर रखने की हिदायत दी। किसी भी प्रकार की अगलगी की घटना होने पर अग्निशमन विभाग समेत अन्य आपातकालीन नंबर पर सूचना देने की सलाह दी गई है। साथ ही घर में अधिक मात्रा में पटाखा का भंडारण नहीं करने, घर में पटाखा नहीं छोडऩे समेत अन्य स्तरों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दीपावली पर बढ़ जाता मिलावटी मिठाई का कारोबार

मधुबनी। आमतौर पर दीपावली के मौके पर खाद्य वस्तुओं के साथ-साथ मिठाई की मांग काफी बढ़ जाती हैं। मिठाई की बढ़ती मांग के साथ मिलावटी मिठाई का कारोबार भी बढ़ जाता हैं। बता दें कि मिलावटी मिठाई का कारोबार सालों भर जारी रहता हैं। दीपावली पर शहर के विभिन्न मिठाई प्रतिष्ठानों पर लड्डू, पेड़ा, नारियल बर्फी, बेसन लड्डू सहित अन्य मिठाईयों में मिलावट का धंधा जोरों पर शुरू हो जाता है। लड्डू में बाहर से मंगाए गए ङ्क्षसथेटिक बुंदिया का धड़ल्ले से प्रयोग किया जाता है। पेड़ा भी बाहर से मंगाए गए होते हैं। बता दें कि मुजफ्फरपुर, पटना से मंगाई गई घटिया किस्म की सोनपापड़ी, डोडा बर्फी, पेड़ा, मिल्क सेक, कलाकंद, खोआ सहित अन्य किस्म की मिठाइयों को निज कारखाना में निर्मित बताकर खरीदारों को चूना लगाया जाता है। बाहर से मंगाई गई 80 से 100 रुपये प्रति किलो की दर पर ये मिठाइयां यहां 180 से 240 रुपये प्रतिकिलो के दर पर बिक्री की जाती है। एक ही तरह की मिठाई को अलग-अलग नाम देकर भिन्न-भिन्न दरों पर बिक्री की जाती है। हाल ही जिला प्रशासन के निर्देश पर शहर के आधा दर्जन मिठाई दुकानों के नमूने जांच को भेजे गए है। दरभंगा प्रमंडल खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार समय-समय पर शहर के मिठाई दुकानों से मिठाई के नमूनों की जांच के बाद कार्रवाई की जाती है। समय-समय पर छापेमारी कर नमूने जब्त किए जाते हैं।

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