किसानी छोड़ रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे किसान

कटरा प्रखंड में बाढ़ और बारिश ने किसानी पर संकट उत्पन्न कर दिया है।

JagranFri, 03 Dec 2021 01:35 AM (IST)
किसानी छोड़ रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे किसान

मुजफ्फरपुर : कटरा प्रखंड में बाढ़ और बारिश ने किसानी पर संकट उत्पन्न कर दिया है। खरीफ फसल से हाथ धो बैठे किसानों के सामने रबी फसल पर भी ग्रहण लगता दिख रहा है। किसानी छोड़ किसान रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं। प्रखंड का अधिकतर भूभाग अब भी जलजमाव की चपेट में है। जहां पानी निकल गया है वहां की मिटृी गीली है। अत्यधिक नमी के कारण खेत की जोताई संभव नहीं हो पाया है। जबतक खेत की जोताई नहीं होगी, फसल की बुआई संभव नहीं है, जिससे किसानों में हताशा और मायूसी है। सरकारी सहायता भी यहां के किसानों को नहीं मिल पाता। बाढ़ से नुकसान के बावजूद महज दो पंचायत के 50 फीसद लोगों को ही बाढ़ सहायता राशि मिल सकी।

एक हजार एकड़ भूमि जलमग्न: प्रखंड के लगभग एक हजार एकड़ भूमि अब भी जलमग्न है। प्रभावित क्षेत्र कटरा, धनौर, गंगेया, नवादा, बकुची, पतांरी, अंदामा, बसघटृा, चंगेल, तेहवारा, बुधकारा, सोनपुर आदि का बड़ा भूभाग जल से आच्छादित है। इसका सबसे बड़ा कारण लोग बागमती बांध को मानते हैं। बांध बन जाने के बाद पानी निकासी के लिए स्लूस गेट का निर्माण नहीं हुआ जिससे जलग्रहण क्षेत्र का पानी नदी में नहीं गया और जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई। किसानों के बार-बार आग्रह के बावजूद सीओ द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई। परिणाम यह है कि आज प्रखंड के लगभग पांच हजार किसान खेती से वंचित हो गए हैं। जलजमाव के कारण एक हजार एकड़ भूमि खेती योग्य होते हुए भी जल प्लावित है जहां रबी फसल की संभावना क्षीण हो गई है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार 15 नवंबर तक ही रबी की बुआई का उचित समय होता है। लेकिन, यहां की भूमि 15 दिसंबर तक भी नहीं तैयार हो सकती। लिहाजा किसानों को रबी फसल से वंचित रहना पड़ेगा। यहां किसानों के सामने कोई अन्य विकल्प नहीं दिखता। बकुची के किसान श्याम महतो कहते हैं कि खरीफ और रबी फसल तो हाथ से निकल गया, अब सब्जी की खेती विकल्प बच गई है। समय से खेत सूख जाने पर सब्जी की खेती होगी। गंगेया के किसानर् द्रकांत मिश्र ने बताया कि बागमती बांध बनने से किसानों को अब तक नुकसान ही उठाना पड़ा है। किसानी चौपट हो गई। घर-वार धराशायी हो गए। भविष्य में और हानि की संभावना दिख रही है। सरकार भी किसानों की समस्या के प्रति गंभीर नहीं है। सोनपुर के विनय मिश्र का कहना है कि बाढ़-बरसात के मारे खेती तो बर्बाद हो ही चुकी, अब लोग गांव छोड़कर शहर की ओर रोजगार की तलाश में निकल पड़े हैं। किसानों के सामने समस्याओं का अंबार है।

--- कटरा प्रखंड बाढ़ और बारिश से बुरी तरह प्रभावित रहा है। सरकार कृषि योग्य भूमि में खेती के लिए अनुदानित मूल्य पर बीज और खाद उपलब्ध करा रही है। प्रभावित किसानों की समस्या से राज्य सरकार को अवगत कराया गया है। नियमानुकूल सहायता मिलेगी।

- विजय कुमार, कृषि अधिकारी, कटरा।

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