मेधा सूची में आने को दी गलत कोटि की जानकारी, नामांकन में पेच

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की ओर से सोमवार से सभी कालेजों में स्नातक में नामांकन शुरू हो गया।

JagranTue, 14 Sep 2021 01:37 AM (IST)
मेधा सूची में आने को दी गलत कोटि की जानकारी, नामांकन में पेच

मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की ओर से सोमवार से सभी कालेजों में स्नातक में नामांकन शुरू हो गया। जारी की गई मेधा सूची से दो से तीन फीसद विद्यार्थियों ने ही पहले दिन नामांकन कराया। वहीं, कई छात्र-छात्राओं ने कोटि का लाभ उठाने के लिए आवेदन के समय एससी-एसटी व अन्य में अपना नाम दर्शा दिया। कटआफ में इन कोटि के विद्यार्थियों को चार से 10 फीसद तक छूट दी गई है। ऐसे में ये मेधा सूची में तो आ गए, लेकिन जब नामांकन लेने कालेज पहुंचे तो सत्यापन के समय उसका प्रमाणपत्र नहीं दे सके। इस पर उनका नामांकन रोक दिया गया। एलएस कालेज समेत अन्य कालेजों में भी इस तरह के मामले सामने आए हैं। पहले दिन करीब 10 विद्यार्थियों के आवेदन में इस तरह की गड़बड़ी की शिकायत मिली है।

स्नातक में नामांकन के पहले दिन कालेजों में कुछ खास भीड़ नहीं दिखी। सुबह से इक्का-दुक्का विद्यार्थी ही पहुंचे थे। वहीं, दोपहर में थोड़ी भीड़ दिखी। बता दें कि पीजी में नामांकन के समय भी यह मामला सामने आया था। उसमें ईडब्ल्यूएस कोटि में कई विद्यार्थियों ने आवेदन कर दिया था। ऐसे में उनका नामांकन रद कर दिया गया था।

-----------------------

गलत कोटि की जानकारी देने वालों का निरस्त होगा नामांकन : विवि के डीएसडब्ल्यू प्रो.प्रमोद कुमार ने बताया कि जिन विद्यार्थियों की ओर से आवेदन में विभिन्न कोटि का विकल्प दिया गया होगा और उनके पास प्रमाणपत्र नहीं होगा तो उनका नामांकन रद किया जाएगा। कालेजों को निर्देश दिया गया है कि आवेदन के समय दिए गए प्रमाणपत्र और मूल प्रमाणपत्र में जानकारी अलग हुई तो इन्हें चिह्नित कर जांच करें। ऐसे आवेदनों को निरस्त किया जाएगा।

------------------

हाई कटआफ से प्रथम श्रेणी के विद्यार्थी भी दूसरी सूची की प्रतीक्षा में : विवि की ओर से जारी स्नातक की पहली मेधा सूची में कई विषयों का कटआफ काफी अधिक हो जाने से प्रथम श्रेणी से इंटर उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को भी दूसरी सूची का इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे अधिक डिमांड कामर्स और साइंस के जूलाजी, गणित व भौतिकी में है। कामर्स का कटआफ प्रमुख कालेजों में 80 से अधिक तो गणित का भी 82 से अधिक है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.