युवती को जिंदा जलाने की कोशिश में लिप्त लोगों के खिलाफ साक्ष्य जमा, जानें आगे क्या Muzaffarpur News

मुजफ्फरपुर, जेएनएन। अहियापुर में युवती को जिंदा जलाने की कोशिश में लिप्त लोगों के खिलाफ पुलिस ने तमाम साक्ष्य एकत्र कर लिए हैैं। अब इसमें वैज्ञानिक तरीके से की गई जांच की रिपोर्ट आनी शेष है। वरीय पुलिस अधीक्षक जयंत कांत ने बताया कि इस मामले में प्रारंभिक सूचना पर दो लोगों के खिलाफ पहले ही नामजद प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। उनमें से एक राजा राय को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार

वहीं दूसरे आरोपित मुकेश कुमार ने पुलिस दबिश के बाद शुक्रवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। मुख्य आरोपित राजा राय को रिमांड पर लेने के लिए कानूनी प्रक्रिया अंतिम दौर में है। शीघ्र ही उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। एफएसएल की रिपोर्ट आनी शेष है। इस रिपोर्ट के आने के बाद घटना में वैज्ञानिक तथ्य भी सामने आएंगे।

इस मामले को विशेष दर्जा

वहीं मामले में दर्ज प्राथमिकी की धाराओं को लेकर एक सवाल के जवाब में कहा कि प्राथमिकी युवती के स्वजन के बयान पर हुई है। इस बीच पीडि़ता ने दो बार दंडाधिकारी की मौजूदगी में बयान दिया है। तमाम साक्ष्य जमा किए गए हैैं। पुलिस जांच के दौरान जो नए तथ्य आएंगे उनके आधार पर कानूनी प्रक्रिया के तहत धाराएं जोड़ी जाएंगी। मामले में समय रहते आरोप पत्र समर्पित किया जाएगा। ताकि, दोषी को समय रहते सजा दिलाई जा सके। पुलिस ने इस मामले को विशेष दर्जे में रखा है। हर हाल में पीडि़ता को इंसाफ मिलेगा।

यह है घटनाक्रम

मालूम हो कि 7 दिसंबर की रात अहियापुर की एक युवती के घर में प्रवेश कर उसके साथ मारपीट की गई थी। फिर उसे जिंदा जलाने की नीयत से शरीर पर केरोसिन तेल डालकर आग के हवाले कर दिया गया था। आनन-फानन में युवती को निजी अस्पताल और वहां से एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया। बेहतर इलाज के लिए उसे पटना अपोलो अस्पताल ले जाया गया है। वहां उसकी चिकित्सा चल रही है।

महिलाओं के साथ अत्याचार बर्दाश्त नहीं : मंत्री

महिलाओं के साथ अत्याचार सरकार को बर्दाश्त नहीं है। सरकार इस तरह के मामलों में गंभीर है। नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने शनिवार को शहर में छात्राओं के साथ हुई घटना पर प्रशासन को आगाह किया है। कहा- दोषियों को किसी कीमत पर ना बख्शे। स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को सजा दिलाई जाए।

पूरे प्रदेश सहित जिले में अपराधियों को प्रशासन का भय होना चाहिए ताकि, वह किसी भी वीभत्स घटना को अंजाम देने से पहले 50 बार सोंचे। समाज को दिशा देने का काम नारी करती है। उस नारी के साथ अत्याचार प्रदेश की सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रशासन के वरीय अधिकारियों से कहा है कि महिलाओं के उचित सुरक्षा व्यवस्था के लिए हर एक दृष्टिकोण से व्यवस्था होनी चाहिए। चाहे वह टॉल फ्री नंबर या थाना के पेट्रोलिंग के जरिए हो। सुरक्षा व्यवस्था को अविलंब चाक-चौबंद किया जाए। यह जानकारी मंत्री के प्रवक्ता संजीव कुमार सिंह ने दी। 

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