East Champaran News: बीमार पौधों को नवजीवन दे रहे सुगौली के प्रदीप सर्राफ, समारोहों में पौधे ही देते गिफ्ट

पौधों की देख-रेख कर रहे सुगौली के प्रदीप सर्राफ

East Champaran News नर्सरी के बाहर फेंके गए बीमार पौधों को घर लाकर सींचने का करते कार्य। लोगों में करते पौधे का निशुल्क वितरण समारोहों में पौधे ही देते गिफ्ट। गोष्ठी व बैठकों में सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के साथ पर्यावरण संरक्षण की जगाते अलख।

Publish Date:Fri, 22 Jan 2021 09:55 AM (IST) Author: Murari Kumar

सुगौली (पूच), अमरेंद्र श्रीवास्तव। तीन भाई, दो पुत्र, एक पुत्री, पांच भतीजा व मां सहित 15 लोगों का हरा-भरा परिवार है। समाजिक व राजनीति कार्य में व्यस्तता भी। बावजूद इसके प्रदीप सर्राफ का पर्यावरण के प्रति इस कदर प्यार व स्नेह है कि वे इसके लिए भी समय निकाल लेते हैं और पेड़-पौधों को भी अपने परिवार का एक हिस्सा बना चुके हैं। नर्सरी से फेंके गए बीमार पौधों को अपनी जमीन पर लगाते है। घर के बच्चे की तरह देखभाल करते है। बड़े होने पर ये पौधे लोगों को निःशुल्क दे देते है। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए व्यस्तता के बाद भी काम कर रहे सुगौली बाजार निवासी प्रदीप सर्राफ इलाके में लोगों के लिए एक मिशाल है।
 इसकी शुरुआत उन्होंने 10 वर्ष पहले की थी। वे नर्सरी के बाहर अक्सर बड़ी संख्या में मुरझाये पौधे फेंके हुए देखते थे। तब उनसे रहा नहीं गया। उन्होंने उन पौधों को नवजीवन देने की ठान ली। मन में जब व्यक्ति कुछ सकारात्मक करने की ठान लेता है तो उसकी राह व मंजिल भी आसान होने लगती है। इसी तर्ज पर प्रदीप सर्राफ इन पौधों को उठाकर घर लाना शुरू कर दिया। पहले उन्होंने उन पौधों को अपनी एक कट्ठा जमीन पर लगाना शुरू किया। धीरे-धीरे यह सिलसिला चल पड़ा। शुरू में लोगों ने उनकी हंसी उड़ाई। यहां तक कि उनके करीबी भी कहने लगे कि कहांं का जंगल झाड़ यहां लगा रहे हो। मगर उनकी मंजिल की राह इससे कमजोर नहीं पड़ी। वे अपने अभियान में जुटे रहे।
 अभी तक उन्होंने 1500 से अधिक ऐसे पौधे को जीवनदान दे चुके है। करीब 1300 सौ पौधे बांट चुके है। वे पौधों को घर लाने के बाद डिब्बे, प्लास्टिक के थैले व गमले में लगाते है। इन पर अपनी कमाई का रुपया खर्च करते है। इनकी बागवानी में गुलाब, केला, अमरूद, नीम, उड़हल सहित कई प्रकार के पौधे लगे है। घर के समीप खेत में उन्होंने ये पौधे लगाए है, ताकि इसकी देखभाल बेहतर से हो सके। पर्व त्योहार के मौके पर अतिथियों को वे पौधा उपहार के रूप में देते है। इस कार्य मे इनकी माता श्याम कुमारी देवी भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लेती है।
 प्रदीप सर्राफ नौजवानों के साथ पर्यावरण की रक्षा करने को लेकर संगोष्ठी का आयोजन क्षेत्र के अलग अलग जगहों पर करते है। कई गांवों में सार्वजनिक रूप से पौधों का निःशुल्क वितरण भी करते है। प्रखंड के फुलवरिया, नयका टोला, माली, करमावा, श्रीपुर, मनसिंघा, पंजिआरवा, बगही सहित कई गांवों में भ्रमण कर पर्यावरण की रक्षा के लिए लोगों को जागरूक किया। इनका यह प्रयास लगातार जारी है। कई गांव में इन्होंने नौजवानों की टोली भी बनाई है।जो पेड़ पौधे लगाने में अपनी रुचि भी दिखा रहे है।
 प्रदीप सामाजिक कार्यो में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगो को मदद के लिए आगे कदम बढ़ाते रहते है। स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करते है। ये स्वयं अपने हाथों में झाड़ू लेकर सड़कों व बाजारों में चल पड़ते है।इनके इस काम को देख कई नौजवान इस मुहिम में शामिल होने लगते है।इनकी इस कार्य की सराहना पूरे क्षेत्र में होती रहती है। नगर परिषद की उपमुख्य पार्षद श्याम शर्मा, पार्षद जितेंद्र सिंह, अशोक सोनी, अंकुर चौधरी, नारायण प्रसाद, नीरज कुमार सर्राफ सहित कई लोगों ने बताया कि वे लोग कई बार उनसे निशुल्क पौधा लेकर गए है। पर्यावरण के प्रति उनका प्रेम अनुकरणीय है। वहीं बीडीओ सरोज बैठा ने कहा कि आज की पीढ़ी के लोगों को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।

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