समस्तीपुर के पूर्व विधायक के प्रधानाध्यापक भाई के जेल जाने पर डीपीओ ने किया निलंबित

न्यायिक हिरासत से छूटने के बाद निलंबित प्रधानाध्यापक नियंत्री पदाधिकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विभूतिपुर के कार्यालय में योगदान करेंगे। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से योगदान संबंधी सूचना एवं अन्य सूचना प्राप्त होने पर आरोप-पत्र एवं मुख्यालय निर्धारित किया जाएगा। नियमानुसार निलंबन भत्ता दिया जाएगा।

Ajit KumarFri, 24 Sep 2021 10:46 AM (IST)
विभूतिपुर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय नवटोल डढ़िया में हैं प्रधानाध्यापक।

समस्तीपुर, जागरण संवाददाता। विभूतिपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व जदयू विधायक रामबालक सिंह के भाई लाल बाबू सिंह को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के मामले में निलंबित कर दिया है। पूर्व विधायक के भाई विभूतिपुर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय नवटोल डढ़िया के प्रधानाध्यापक है। इसकी सूचना विभूतिपुर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने डीपीओ को दी थी। इसी के आधार पर कार्रवाई की गई है। न्यायिक हिरासत से छूटने के बाद निलंबित प्रधानाध्यापक नियंत्री पदाधिकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विभूतिपुर के कार्यालय में योगदान करेंगे। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से योगदान संबंधी सूचना एवं अन्य सूचना प्राप्त होने पर आरोप-पत्र एवं मुख्यालय निर्धारित किया जाएगा। नियमानुसार निलंबन भत्ता दिया जाएगा।

सीपीएम नेता पर हमला मामले में मिली थी सजा

विभूतिपुर के सीपीएम नेता ललन सिंह पर जानलेवा हमला करने से संबंधित स्पेशल सत्र संख्या 39/2019 में 13 सितंबर को तृतीय अपर एवं सत्र न्यायाधीश ने सजा सुनाई थी। इसमें पूर्व विधायक व उनके भाई को दोषी करार दिया गया था। जिसके बाद पांच-पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई थी। न्यायाधीश ने आर्म्स एक्ट में पांच वर्ष की सजा के साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड की भी सजा सुनाई थी। इसके अलावा भादवि की धारा 324 में भी दोषी पाते हुए तीन वर्ष कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 323 एक वर्ष कारावास और धारा 341 में एक महीना की सजा सुनाई थी। इसमें कुल 15 हजार रुपये अर्थदंड की राशि देनी है। सभी सजाए साथ-साथ चल रही है।

21 वर्ष पूर्व गोली मारने की थी घटना

21 वर्ष पूर्व विभूतिपुर थाना क्षेत्र के शिवनाथपुर गांव निवासी गंगा सिंह के पुत्री की शादी थी। शादी में सूचक ललन सिंह एवं आरोपित पूर्व विधायक रामबालक सिंह एवं उनके भाई लालबाबू सिंह भी आमंत्रित थे। पूर्व विधायक ने सीपीएम नेता को देखते ही उसे पकड़ने की कोशिश की। लेकिन वह भाग निकला। आरोप है कि इसके बाद पीछा करते हुए उस पर फायरिंग की गई। जिसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। हालांकि, फिर भी वे जख्मी अवस्था में भागने में सफल रहे। इलाज के क्रम में उसके हाथ की चार अंगुलियां काटनी पड़ी थी। इस संबंध में पीड़ित ने विभूतिपुर थाना कांड संख्या 62/2000 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

 

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