Muzaffarpur: बाबा रामदेव की गिरफ्तारी व डॉक्टरों पर हो रहे हमले के विरोध में चिकित्सकों ने ओपीडी सेवा कराया बंद

IMA के आहवान पर आज उत्तर बिहार के जिलों के सभी निजी व सरकारी अस्पतालों के ओपीडी सेवा बंद रहे। आईएमए के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ संजय कुमार ने कहा कि आंदोलन सफल है आगे भी बाबा रामदेव के खिलाफ आंदोलन की जरूरत होगी तो करेंगे। ‌‌

Murari KumarFri, 18 Jun 2021 03:53 PM (IST)
मुजफ्फरपुर जूरन छपरा में ओपीडी के बाहर बैठे मरीज

मुजफ्फरपुर, जाटी। इंडियन मेडिकल एसोशियसन के आहवान पर आज जिले के सभी निजी व सरकारी अस्पतालों के ओपीडी सेवा बंद है ‌। आईएमए के इस बंद का एसोसिएशन अप पीसीएल ने पूरे देश का स्तर पर समर्थन किया है एपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ चिकित्सक डॉ कमलेश तिवारी ने कहा कि बाबा रामदेव की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ जब तक कार्रवाई नहीं होगी वह हर तरह के आंदोलन का समर्थन करेंगे इधर आईएमए के जिला अध्यक्ष डॉ सीवी कुमार ने कहा कि सुबह से निजी अस्पताल से लेकर सरकारी अस्पताल में ‌ओपीडी सेवा बंद है। डॉ कुमार ने कहा‌ कि कोरोना मरीजों व इमरजेंसी के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। ओपीडी सेवा 8.30 से लेकर दिन के 12.30 बजे तक बंद रहेगी। इसके बाद जो डॉक्टर कार्य करेंगे, वह काला बिल्ला व काला मास्क लगा कर मरीजों का इलाज कर रहे हैं ‌। आइएमए के अध्यक्ष डॉ सी बी कुमार ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन बाबा रामदेव की ओर से पिछले दिनों आधुनिक चिकित्सा विज्ञान, चिकित्सा पद्धति व सरकार द्वारा तय किये गये कोविड के प्रोटोकॉल व कोविड टीका और कोविड शहीदों का अपमान किये जाने का अपराध किया हैं। वहीं देश में आये दिन डॉक्टरों पर हमला और हमलावर की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में किया जा रहा हैं। आईएमए के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ संजय कुमार, सचिव डॉ सुधीर कुमार ने कहा कि आंदोलन पूर्णता सफल है आगे भी बाबा रामदेव के खिलाफ आंदोलन की जरूरत होगी तो चिकित्सक करेंगे। ‌‌

माडर्न चिकित्सा पद्धति पर सवाल उठाना गलत

आंदोलन का समर्थन कर रहे इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ कमलेश तिवारी ने कहा कि देश में मॉडर्न मेडिसिन पर सवालिया निशान लगाने वाले बाबा रामदेव के उस टिप्पणी की घोर भर्त्सना करता हं, जिनमे उन्होंने Allopathic मेडिसिन ko stupid science कह डाला। उनका यह भी कहना की कोविड महामारी में ज़्यादा लोगों की एलोपैथिक दवा सेवन की वजह से हुई है , भ्रामक , तथ्यविहीन एवम् अभियोग योग्य हैं। इस महामारी के वक्त जब पूरी दुनिया चिकित्सा एवं विज्ञान जगत की ओर उम्मीद से देख रहा हो , वैसे हालात में बाबा के वक्तव्य हास्यास्पद एवं विश्व समुदाय में हमें हंसी का पात्र बनाती हैं। इस वक्त हमारे चिकित्सा जगत के लोग अपने जान की बाज़ी लगाकर कोविड से संक्रमित लोगों की जी-जान से सेवा में लगे हुए हैं , वैज्ञानिक सतत रीसर्च कर इस बीमारी से दुनिया को आज़ाद करने हेतु दवाइयाँ एवं वैक्सीन तैयार करने में लगे हुए हैं ।‌‌डा‌ तिवारी ने कहा कि यह वक्त उनके हौसलाअफजाई का है ना की उनके हिम्मत तोड़ने का। हमारे कई चिकित्सक , नर्स, पारमेडिकल स्टाफ़ अपने कर्तव्य का निर्वहन करते करते शहीद हो गए . क़ईयों ने अपने निकटतम परिवारजनोंको खोया है। बाबा के कथन इन दिवंगत आत्माओँ के प्रति उनके निष्ठुर हृदय को दर्शाता है ।

कोविड में प्रयुक्त होने वाले दवाई कोई भी चिकित्सक सरकार की ओर से तय गाइडलाइन हुआ के हिसाब से उपयोग कर रहा है। इससे लोग बड़ी संख्या में ठीक भी हो रहे हैं जिसका प्रमाण कोविड की घटते मृत्यु दर है। इन दवाइयों या प्रोटोकॉल‌ पर सवाल उठाना सरकार पर भी उँगली उठाना है । महामारी के इस दौर में ऐसा करना ग़लत भी है । सरकार से अपील है कि बाबा के वक्तव्य को देशद्रोह के श्रेणी में रखकर जल्द ही इसपर उचित कार्यवाही करे।

आयुर्वेद व एलोपैथिक दूसरे के पूरक, करें सहयोग

डॉ तिवारी ने कहा ‌सर्वविदित है कि बाबा रामदेव अब एक सफल व्यवसाई है। उन्होंनेे चेतावनी दिया कि अपने गैरपरंपरगत एवं अप्रमाणित दवाइयों को बेचने के लिए साइंस , रीसर्च एवं मानवता को छोटा नहीं बनायें। एलोपैथिक, आयुर्वेद , योग या कोई और इलाज की पध्यती मानव हित के लिए ही प्रयोग होते हैं एवं इनका सामंजस्य मानव स्वास्थ्य के लिए अपेक्षित है। इलाज की पद्यति पर भ्रम की स्थिति पैदा कर लाभ कमाने की इच्छा बाबा‌‌ कि निम्नस्तरीय सोच को दर्शाती है। हमारे देश में हमेशा से दोनों चिकित्सा पद्धति‌ एलोपैथिक व आयुर्वेद एक दूसरे की पूरक रही है।

आगे भी होगा आंदोलन

वरीय चिकित्सक डॉ बी बी ठाकुर के साथ एपीआई के जिला अध्यक्ष डॉ शैलेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष डॉ सतीश कुमार, वरीय चिकित्सक डॉ श्री मोहन मिश्र, श्री नर्सिंग होम के संचालक डॉ अमित कुमार दास, सचिव डॉ अमित कुमार, डॉ नवनीत कुमार, डॉ नितीश कुमार सिंह डॉ अंशु अग्रवाल ने भी इस घटना की निंदा की है व बाबा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है चिकित्सकों ने कहा कि उनका आंदोलन आंदोलन करेंगे।

पश्चिम चंपारण में चिकित्सकों ने बंद कराया ओपीडी

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को जिले के सभी प्राइवेट व सरकारी अस्पतालों में दोपहर 12 बजे तक ओपीडी सेवा बंद रही। हालांकि इस बंद से मरीजों एवं उनके परिजनों पर कोई असर नहीं पड़ा। क्योंकि कोरोना वैश्विक महामारी की वजह से गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पहले से ही ओपीडी सेवा बंद है। आईएमए के सचिव डॉ मोहनीश सिन्हा ने बताया कि एलोपैथी को लेकर बाबा रामदेव की टिप्पणी के विरोध में सांकेतिक हड़ताल का कार्यक्रम सफल रहा। दोपहर 12बजे के बाद चिकित्सक काला बिल्ला लगाकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं।

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