वोटर लिस्ट में नाम रहने के बावजूद कुछ लोग पंचायत चुनाव में नही कर पाएंगे वोट, पश्चिम चंपारण का मामला

विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगतेंगे वोटर मधुबनी प्रखंड के सैकड़ों वोटरों का नाम पिपरासी प्रखंड की लिस्ट में जुटा वोटर लिस्ट में नाम होने के बावजूद भी पंचायत चुनाव से वंचित रहेंगे वोटर भाग संख्या 211 की जगह पर भाग संख्या 196 में जुटा नाम

Dharmendra Kumar SinghMon, 26 Jul 2021 03:31 PM (IST)
पश्‍च‍ि‍म चंपारण में तेजी से चल रही पंचायत चुनाव की तैयारी। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पश्चिम चंपारण (धनहा), जासं। मधुबनी प्रखंड में अधिकारियों व कर्मचारियों की घोर लापरवाही सामने आई है। 250 से ज्यादा वोटरों का नाम दूसरे प्रखंड में जोड़ दिया है। जिसका खामियाजा वोटरों को भुगतना पड़ेगा। ईआरवो के द्वारा वाल्मीकिनगर विधानसभा के भाग संख्या 211 की जगह भाग संख्या 196 में इन वोटरों का नाम शामिल कर दिया गया है जिसके कारण इस बार पंचायत चुनाव से यह वोटर वंचित रह जाएंगे।

एक जनवरी 2021 को 18 वर्ष पूरी करने वाले युवाओं एवं महिला मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए विशेष कैंप का आयोजन किया गया था। कैंप में युवा मतदाताओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। कैंप में 250 से ज्यादा फार्म भर के बीएलओ के द्वारा जिला निर्वाचन कार्यालय भेजा गया था। बूथ लेवल पर बीएलओ के नेतृत्व में 27 दिसंबर व 10 जनवरी को विशेष अभियान दिवस में वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने,हटाने व सुधार कराने के लिए किया गया था।

विधान सभा चुनाव में भी भाग संख्या 196 राजकीय उत्क्रमित विद्यालय देवीपुर लिखा गया था। जो कि जिला निर्वाचन के द्वारा 211 कर दिया गया था। बिहार चुनाव आयोग द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइन में बहुत बूथों को बदलाव कर बूथों की संख्या बढ़ाया गया था। जिसके बाद इस बूथ को बूथ संख्या 196 से 211 कर दिया गया हैं। विशेष कैंप में बीएलओ के द्वारा सभी तरह के फार्म पर भाग संख्या 196 लिखने के बाद भी 71 फॉर्म के नाम सही तरीके से भाग संख्या 211 में जोड़ दिया गया है।

बाकी के नामों को भाग्य संख्या 196 में जोड़ दिया गया है। वोटर लिस्ट पुनरीक्षण जनवरी 2020 में भाग्य संख्या 196 और विधान सभा चुनाव 2020 पुनरीक्षण में 211 कर दिया गया है। अगर इसकी जानकारी बीएलओ को है तो फिर फॉर्म में भाग्य संख्या 196 क्यों लिखा गया। इसी लापरवाही के कारण वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र के भाग्य संख्या 211 में आज भी 45 से 55 वर्ष के ग्रामीण मतदाता बनने से वंचित है। ग्रामीणों के द्वारा हर वर्ष मतदाता पुनरीक्षण पर वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म छह जमा किया जाता है। लेकिन इन वोटरों का नाम नहीं जुट पाता है। इस बार मतदाता सूची में नाम होने के बाद भी जिला निर्वाचन की लापरवाही के कारण पंचायत चुनाव से वोटर मतदान से वंचित होंगे।

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