Darbhanga: रखें ध्यान डीएमसीएच में इलाजरत मरीज को बाहर से नहीं खरीदनी पड़े दवा : डीएम

कोरोना संक्रमण से बचाव के ल‍िए करें गाइडलाइन का पालन।

डीएमसीएच में इलाजरत कोरोना मरीजों के इलाज का डीएम ने लिया जायजा दिए कई निर्देश वे शुक्रवार को डीएमसीएच पहुंचे थे। यहां कोरोना मरीजों के चल रहे इलाज का जायजा लिया। कहा कि सभी मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा मिलनी चाहिए।

Dharmendra Kumar SinghFri, 23 Apr 2021 07:23 PM (IST)

दरभंगा, जासं। दरभंगा मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में इलाजरत मरीजों को कोई भी दवा बाहर से नहीं लेनी पड़े, इसका ध्यान रखें। सभी आवश्यक दवाएं अस्पताल उपलब्ध कराए। उपरोक्त बातें जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. मणिभूषण शर्मा को कही। वे शुक्रवार को डीएमसीएच पहुंचे थे। यहां कोरोना मरीजों के चल रहे इलाज का जायजा लिया। कहा कि सभी मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा मिलनी चाहिए। एंबुलेंस की कहीं कोई कमी ना रहे। यदि आवश्यकता है तो अतिरिक्त एंबुलेंस रख लिए जाएं। उन्होंने डीएमसीएच में भी अतिरिक्त एंबुलेंस रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी मरीज को परेशानी न हो सके। डीएमसीएच में इलाजरत कोरोना मरीजों की सारी जांच सुविधा डीएमसीएच उपलब्ध कराएगी। इसके लिए अतिरिक्त पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी की व्यवस्था करने को कहा गया। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त टेक्नीशियन रख लेने का निर्देश दिया गया। यदि कोई जांच अस्पताल के बाहर करने की आवश्यकता है तो वह जांच डीएमसीएच कराएगा और भुगतान भी अस्पताल द्वारा किया जाएगा। उन्होंने डीएमसीएच में कार्यरत ऑक्सीजन प्लांट का भी निरीक्षण किया। साथ ही ऑक्सीजन गैस आपूर्ति की समीक्षा की। मौके पर उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, सहायक समाहर्ता अभिषेक पलासिया, डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. मणिभूषण शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी मौजूद थे।

कोरोना मरीजों के लिए सभी दवा व जांच की सुविधा अस्पतालों में 

जिले में कोरोना मरीजों के इलाज पर पूरा ध्यान दें। कहीं भी ऑक्सीजन गैस आपूर्ति की कमी नहीं हो। इसके लिए निरंतर इसकी निगरानी एवं अनुश्रवण करने की जरुरत है। किसी भी अस्पताल में ऑक्सीजन गैस सिलेंडर की कमी नहीं होनी चाहिए। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार ने कही। वे शुक्रवार को कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम को ले तथा कोरोना मरीजों के लिए  की जा रही इलाज की व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी के साथ ऑनलाइन बैठक कर रहे थे।

 कहा- अस्पताल में इलाजरत मरीजों को सभी आवश्यक दवा अस्पताल ही उपलब्ध कराएगी। जांच भी अस्पताल में ही होगा। यदि कोई जांच अस्पताल के बाहर से कराया जाता है तो इसका भुगतान अस्पताल द्वारा ही किया जाएगा। किसी भी अस्पताल में दवा की कमी नहीं होनी चाहिए। कहीं भी एंबुलेंस की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक हो तो अतिरिक्त एंबुलेंस की व्यवस्था कर लें।  कंटेनमेंट जोन को लेकर उन्होंने कहा कि जो भी कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं वह बड़े कंटेनमेंट जोन बनेंगे। वहां सतत निगरानी रखी जाए। संबंधित पदाधिकारी एवं थाना वहां निरंतर भ्रमण कर गाइडलाइन का शत-प्रतिशत अनुपालन कराना सुनिश्चित करें। जिला से भी इस पर निगरानी की जाए। कहा कि निजी अस्पतालों को भी कोरोना इलाज के लिए संबद्ध किया गया है। वहां भी कोरोना मरीज का इलाज किया जा रहा है। वहां की पैथोलॉजी जांच, एक्सरे जांच इत्यादि के लिए भी जिला स्तर से दर निर्धारित कर दिया जाए। अपर समाहत्र्ता विभागीय जांच अखिलेश प्रसाद ङ्क्षसह को सिविल सर्जन एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ निजी अस्पतालों के लिए कोरोना इलाज के लिए सभी प्रकार के आवश्यक जांच के लिए जांच दर निर्धारित करने की जिम्मेवारी दी गई है। बैठक में जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम, सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार सिन्हा, डीपीएम विशाल कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी  मौजूद थे।

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