Darbhanga Airport: नए सिविल एनक्लेव के लिए भूमि अधिग्रहण से पूर्व एसआइए शुरू

Darbhanga Airport प्रक्रिया पूरी होने और दर निर्धारण के बाद अगली स्वीकृति के लिए राजस्व विभाग पटना को भेजा जाएगा। सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद अवार्ड बनाकर उसका वितरण होगा। इसमें करीब नौ महीने लगेंगे। वर्ष 2022 के अक्टूबर तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होगी।

Ajit KumarPublish:Mon, 06 Dec 2021 08:43 AM (IST) Updated:Mon, 06 Dec 2021 08:43 AM (IST)
Darbhanga Airport: नए सिविल एनक्लेव के लिए भूमि अधिग्रहण से पूर्व एसआइए शुरू
Darbhanga Airport: नए सिविल एनक्लेव के लिए भूमि अधिग्रहण से पूर्व एसआइए शुरू

दरभंगा, [विभाष झा]। दरभंगा एयरपोर्ट के नए सिविल एनक्लेव व रनवे विस्तार को लेकर भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रिया तेज हो गई है। इससे पूर्व संबंधित क्षेत्र के सामाजिक प्रभाव का आकलन (एसआइए) करने नोडल एजेंसी आद्री की पांच सदस्यीय टीम यहां पहुंची है। चिह्नित भूमि वाले क्षेत्र में टीम आकलन में जुटी है टीम को छह माह में डीएम को रिपोर्ट सौंपनी है। रिपोर्ट के प्रकाशन के बाद जिलास्तर पर तैयार एक्सपर्ट टीम रिव्यू करेगी। इसमें भी दो महीने लग सकते हैैं। इसके बाद प्रारंभिक अधिसूचना प्रकाशित होगी। इसके लिए दो माह कासमय तय है। प्रारंभिक अधिसूचना निर्गत होने के बाद आपत्ति का समय दिया जाएगा। इस बीच जिलास्तरीय छह सदस्यीय कमेटी जमीन की किस्म का निर्धारण करेगी। तब सेक्शन 19 में अधिघोषणा होगी। प्रक्रिया पूरी होने और दर निर्धारण के बाद अगली स्वीकृति के लिए राजस्व विभाग, पटना को भेजा जाएगा। सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद अवार्ड बनाकर उसका वितरण होगा। इसमें करीब नौ महीने लगेंगे। वर्ष 2022 के अक्टूबर तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होगी। 

कई मौजों में होना है भूमि अधिग्रहण

कुल 78 एकड़ भूमि का अधिग्रहण होना है। 54 एकड़ में सिविल एनक्लेव का निर्माण होगा। शेष 24 एकड़ में रनवे का विस्तार होगा। 54 एकड़ जमीन सदर प्रखंड के वासुदेवपुर मौजे में है। इसके अधिग्रहण पर 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं 24 एकड़ भूमि बेलादुल्लाह, बेला नवादा व वासुदेवपुर में हैैं। दरभंगा के जिला भू अर्जन पदाधिकारी अजय कुमार ने कहा कि एयरपोर्ट के नए सिविल एनक्लेव व रनवे विस्तार के भूूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। संबंधित क्षेत्र में सामाजिक प्रभाव का आकलन शुरू हो गया है। नोडल एजेंसी की टीम सक्रिय है। काम पूरा करने के लिए एजेंसी के पास छह माह का समय रहता है। हालांकि, एजेंसी को शीघ्र अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपने को कहा गया है।