दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गायनिक विभाग में कोविड-19 ओटी चालू, अन्य विभागों में मरीजों के लिए नहीं

सरकार की ओर से लगातार इस सिलसिले में आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं। लेकिन स्थानीय स्तर पर आपात स्थिति से निबटने के लिए उपाय नहीं तलाशे जा रहे हैं। सर्जरी हड्डी ईएनटी और नेत्र रोग विभाग में कोविड-19 संक्रमित के लिए ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था नहीं है।

Ajit KumarWed, 21 Jul 2021 03:44 PM (IST)
दरभंगा मेडिकल कॉलेज के चार गंभीर विभागों में मरीजों के लिए नहीं तैयार की जा सकी कोविड-19 ओटी।

दरभंगा, जासं। दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में यदि कोरोना संक्रमित मरीज सर्जरी या हड्डी रोग से पीड़ित होकर आ जाए तो उन मरीजों का इलाज यहां संभव नहीं हो सकेगा। उन्हें सीधे पटना रेफर होना पड़ेगा। कारण यह कि यहां स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग छोड़कर किसी भी विभाग के पास संबंधित कोविड-19 ऑपरेशन थिएटर (ओटी) नहीं है। कोरोना के कहर का दूसरा लहर बीत गया। लेकिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग को छोड़कर अन्य विभागों के मरीजों के लिए केंद्रीकृत कोविड ऑपरेशन थिएटर का निर्माण हो सका है।

इस स्थिति में अगर अन्य विभागों से संबंधित मरीज यहां गंभीर स्थिति में आते हैं तो उन मरीजों का इलाज कैसे होगा, यह संकट खड़ा हो गया। सरकार की ओर से लगातार इस सिलसिले में आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं। लेकिन, स्थानीय स्तर पर आपात स्थिति से निबटने के लिए उपाय नहीं तलाशे जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार सर्जरी, हड्डी, ईएनटी और नेत्र रोग विभाग में कोविड-19 संक्रमित के लिए ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था नहीं है। बताते हैं कि जिन विभागों में कोविड ऑपरेशन थिएटर नहीं हैं, वहां के रोगियों को पटना रेफर कर दिया जाता है। यह स्थिति कोरोना के पहले और दूसरे चरण से कायम है।

इधर, तीसरे चरण की लहर की आशंका है लेकिन इसकी तैयारी शुरू नहीं हो पाई है। हालांकि स्त्री एवं प्रसूती रोग विभाग में कोरोना के लहर के पहले चरण में ही कोविड-19 के मरीजों के लिए ऑपरेशन थिएटर और डिलेवरी टेबल का पुख्ता इंतजाम किया जा चुका है। अलग से ऑपरेशन थियेटर तैयार किया गया है। डीएमसीएच का यह पहला विभाग है जहां इस तरह का प्रबंध किया जा चुका है। नार्मल डिलेवरी रूम में अलग से कोरोना मरीज के लिए तीन टेबल लगाए गए हैं। जबकि , गंभीर मरीजों के लिए अलग से ऑपरेशन थिएटर तैयार है। इसे कैजुअल्टी ऑपरेशन थिएटर के समक्ष बनाया गया है। यहां आए मरीजों की पहले कोविड की जांच कराई जाती है। यही कारण है कि स्त्री रोग से संबंधित मरीजों को यहां से पटना रेफर नही किया जाता है। इसका नतीजा यहां के मरीज और चिकित्सक सुरक्षित है। इस तरह की व्यवस्था से चिकित्सकों के संक्रमित होने का खतरा भी काफी घटा है।

कहते हैं सर्जरी विभाग के अध्यक्ष : सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डा. वीएस प्रसाद बताते हैं कि उनके विभाग में अलग से आपरेशन थिएटर नही है। लेकिन, मेडिकल एथिक्स के अनुसार अलग से ऑपरेशन टेबल या थिएटर की व्यवस्था होनी चाहिए। या केंद्रीयकृत ओटी टेबल जरूरी है। इससे चिकित्सक और मरीज को सुरक्षित रहने की संभावना बनी रहती है।

कहते हैं अधीक्षक

अस्पताल के अधीक्षक डा. मणिभूषण शर्मा बताते हैं कि सभी विभागों से संबंधित कोविड-19 मरीजों का ऑपरेशन सुरक्षात्मक किट और उपकरण के साथ किया जाता है। इसमें कोई परेशानी नहीं होती है। अलग-अलग विभागों के मरीजों के लिए कोविड-19 ओटी नहीं है। 

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