West Champran:आंवला का सेवन कई रोगों के ल‍िए रामबाण, जान‍िए क‍ितना है गुणकारी

West Champran रामनगर के बाजार में 50 रुपये किलो तक बिक रहा है आंवला। बड़े साइज का आंवला गोरखपुर समेत अन्य जगहों से मंगाया जाता है। च्यवनप्राश से लेकर आचार मुरब्बा जेली चटनी बनाने में होता है आंवला का उपयोग।

Dharmendra Kumar SinghWed, 24 Nov 2021 05:27 PM (IST)
अनिल कुमार शर्मा, योगाचार्य सह आयुर्वेद के जानकार। जागरण

बगहा (पचं), जासं। आंवला को अमृत फल भी कहा जाता है। यह इम्युनिटी बढ़ाने का कार्य करता है। इसका सेवन किसी भी रूप में लाभकारी है। इसलिए च्यवनप्राश से लेकर आचार, मुरब्बा, जेली, चटनी के साथ कई रूपों में लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। धीरे धीरे लोगों में जागरूकता आती जा रही है। जिससे लोग अपने बीमारियों का उपचार दवाओं के बजाए घरेलू उपाय व आयुर्वेदिक दवाओं से करने लगे हैं। इसका कारण यह है कि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। इसलिए आंवले की मांग भी अब बढ़ गई है। कोरोना में इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए इसका सेवन खूब हो रहा था। इसलिए इसके भाव उस दौरान काफी बढ़ गए थे। इधर छठ पूजा के समय भी इसका मूल्य 80 रुपये किलो तक चल रहा था।

हालांकि अब बाजार में यह प्रति किलो 50 रुपये में उपलब्ध है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि आसपास के क्षेत्रों में छोटे साइज का आंवला मिलता है। जो बाजार में कम ही आता है। बाजार में बाहर से आंवला अधिक आता है। जिसकी साइज बड़ी होती है। यह गोरखपुर, मुजफ्फरपुर के साथ जिला के मंडियों से नगर में मंगाया जाता है। आंवला का सेवन पुराने ऋषि मुनि भी चीर यौवन प्राप्त करने के लिए करते थे। इसका उल्लेख कई वेद पुराणों में भी मिलता है। नगर के पुरानी बाजार निवासी आयुर्वेद के जानकार, योगाचार्य व साहित्याचार्य अनिल कुमार शर्मा का कहना है कि कब्ज के लिए यह रामबाण है। इसके अलावा मस्तिष्क, हृदय के लिए भी आंवला लाभदायक है। इससे पाचन शक्ति ठीक रहती है। जिससे भूख लगती है। इसे त्रिदोष नाशक भी कहा जाता है। यह सभी तरह के दवाओं के प्रभाव को बढाता है। कोरोना के इलाज में फायदेमंद व इससे बचाव में कारगर है।

कोरोना के साथ धूल से भी सुरक्षा देता है मास्क

कोरोना को लेकर मास्क का चलन बढ़ गया। पर, यह संक्रमण के साथ कई तरह के एलर्जी से बचाव में भी कारगर है। धूलकणों को सीधे फेफड़ों में जाने से भी यह रोकता है। नगर के चिकित्सक डॉ. सुशांत पांडेय का कहना है कि मास्क धूलकणों से रक्षा करता है। यह धुएं से भी बचाता है। इसलिए दमा, एलर्जी वाले रोगियों को चिकित्सक इसको लगाने की सलाह पहले से देते आ रहे हैं। यह दूसरे रोग से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से होने वाले रोगों से भी बचाव करता है। बढ़ते प्रदूषण में इसका उपयोग कारगर है। इसलिए यह कोरोना काल के अलावा अन्य दिनों में भी जरूरी है।

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