CM Nitish Kumar के मंत्री मुकेश सहनी ने बाढ़ पीड़ितों के अनुदान के बारे में की बड़ी घोषणा

मुजफ्फरपुर जिले के प्रभारी मंत्री मुकेश सहनी ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश कहा-नियम के अनुसार हो राशि का वितरण । बाढ़ से हुई क्षति का लिया जायजा बागमती और लखनदेई नदी पर बनेगा 22 किमी लंबा तटबंध।

Ajit KumarSat, 18 Sep 2021 06:42 AM (IST)
डीएम ने कोविड-19 में मृत परिवार के आश्रितों को दिए जाने वाले अनुदान आदि की जानकारी दी।

मुजफ्फरपुर, जासं। जिले के प्रभारी व राज्य के पशु एवं मत्स्य पालन मंत्री मुकेश सहनी ने आपदा की समीक्षा बैठक की। बाढ़, अतिवृष्टि एवं सहायता कार्यों की जानकारी लेने के बाद उन्होंने कहा कि आपदा से पीडि़त परिवारों को नियमानुसार अनुदान राशि मुहैया कराना सुनिश्चित हो। अनुदान वितरण में एक भी योग्य लाभुक वंचित नहीं हो। मंत्री ने स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, मत्स्य, पीएचईडी, ग्रामीण कार्य विभाग, पथ प्रमंडल, बिजली आदि विभागों की भी समीक्षा की। इससे पहले डीएम प्रणव कुमार ने बाढ़ राहत, अनुदान वितरण, कोविड-19 में मृत परिवार के आश्रितों को दिए जाने वाले अनुदान आदि की जानकारी दी। बैठक में डीडीसी आशुतोष द्विवेदी, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन डा. अजय कुमार, नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय, सहायक समाहर्ता श्रेष्ठ अनुपम समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे।

20 दिनों तक खतरे के निशान से ऊपर बहती रहीं नदियां, सुरक्षित रहे तटबंध

आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बताया गया कि इस वर्ष मानसून काल में जिले में तुलनात्मक दोगुनी बारिश हुई। नेपाल के पर्वतीय एवं तराई क्षेत्रों में भी अत्यधिक वर्षा से जिले में बागमती, गंडक, बूढ़ी गंडक, लखनदई एवं मनुषमारा आदि नदियों के जलस्तर में काफी वृद्धि हुई। इस कारण 20 दिनों तक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहती रहीं। इसके बावजूद सभी जिले के सभी मुख्य तटबंध सुरक्षित हैं। 192 से अधिक संवेदनशील ङ्क्षबदुओं पर निरोधक कार्य से तटबंध सुरक्षित रहे। जल ग्रहण क्षेत्रों तक बाढ़ सीमित रहा। जिले में बागमती एवं लखनदेई नदी पर 22 किमी लंबे तटबंध का निर्माण होगा। डीपीआर बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, बागमती, रून्नीसैदपुर द्वारा भेजी गई है। इसकी स्वीकृति हो जाने से जिले के तीन प्रखंड औराई, कटरा और गायघाट को बाढ़ से सुरक्षित किया जा सकता है।

13 प्रखंडों की 162 पंचायतें रहीं बाढ़ प्रभावित

जिले में 13 प्रखंडों की कुल 162 पंचायतों (39 पूर्ण तथा 123 आंशिक) के 930 वार्ड प्रभावित हुए। कुल 480784 आबादी प्रभावित हुई। बाढ़ प्रभावित 83,462 परिवारों को अब तक छह हजार रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। मानसून अवधि में 98 लोगों की मृत्यु डूबने से हुई है।

अन्य विभागों की रिपोर्ट

-जिले में कुल आच्छादित फसल का क्षेत्र 147983.49 हेक्टेयर है। 69.53 क्षेत्रफल प्रभावित हुआ। 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति का क्षेत्रफल 79889.74 हेक्टेयर है। यह कुल आच्छादित क्षेत्रफल का 53.98 प्रतिशत है। 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति के आधार पर प्रभावित किसानों को कृषि इनपुट अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

- मत्स्य की दृष्टि से 118 पंचायतें आंशिक एवं 33 पंचायतें पूर्ण रूप से प्रभावित हुईं। मछली जीरा फार्म का रकबा 30.00 हेक्टेयर तथा क्षति का मूल्य 2,46,000 रुपये है। प्रभावित तालाबों में गाद हटाने का रकबा 94.5 हेक्टेयर है। इसके लिए 11,52,900 रुपये का प्रारंभिक आकलन किया गया है।

- ग्रामीण कार्य विभाग की कुल 733 सड़कें प्रभावित हुई है। 157 सड़कों की मरम्मत कर ली गई है। 36 सड़कों पर कार्य प्रगति में है। 540 सड़कों पर जलजमाव के कारण कार्य शुरू नहीं हुआ।

- पथ निर्माण विभाग की 32 सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं। आठ की मरम्मत कर ली गई है। सात में कार्य प्रगति पर है। 17 पर जलजमाव है।- 100 केवीए के तीन, 63 केवीए के तीन, 78 बिजली के पोल तथा सात किमी में कंडक्टर क्षतिग्रस्त हुआ। करीब 29,50,560.38 रुपये की हुई।

- जिले में अबतक तक 20,03, 978 व्यक्तियों का टीकाकरण कराया गया है।

- निगम क्षेत्र में तीन स्थलों पर गीले कचरे से खाद बनाई जा रही है।  

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