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बादलों की बौछार से उत्तर बिहार की नदियों में उफान

मुजफ्फरपुर। बादलों की लगातार जारी बौछार से उत्तर बिहार की नदियों के जलस्तर में उफान आ गया है। बागमती नदी की धाराओं में आए उफान से मुजफ्फरपुर जिले की औराई, बेनीबाद व कटरा के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। जबकि, सीतामढ़ी के ढेंग, सोनाखान और चंदौली में भी जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। अधिकांश इलाकों में बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से उपर बह रहा है। इसी बीच शनिवार की सुबह वाल्मीकिनगर बराज से 2.73,600 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद उत्तर बिहार में बाढ़ से स्थिति और अधिक गहराने के आसार बढ़ गए हैं। हालांकि,

जल संसाधन विभाग की टीम प्रभावित इलाकों में कैंप कर स्थिति पर नजर बनाए हुई है। जबकि, आपदा प्रबंधन विभाग भी अलर्ट है। औराई के कटौझा में बागमती नदी खतरे के निशान से 2.27 मीटर उपर बह रही है। शनिवार को यहां जलस्तर 56.00 मीटर दर्ज किया गया। जबकि बेनीबाद में बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 0.66 मीटर उपर बह रहा है। यहां जलस्तर 49.34 मीटर दर्ज किया गया हैं। उधर, सीतामढ़ी जिले के ढेंग, सोनाखान, चंदौली और शिवहर जिले के डुब्बाघाट में बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पार रहा। ढेंग में बागमती नदी का जलस्तर 71.03 मीटर, सोनाखान में 69.40 मीटर, डुब्बाघाट में 62.33 मीटर, चंदौली में 59.23 मीटर दर्ज किया गया। हायाघाट में बागमती नदी का जलस्तर डैंजर लेबल 45.72 मीटर से नीचे 43.35 मीटर दर्ज किया गया। मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर 49.53 मीटर व रेवाघाट में गंडक नदी का जलस्तर 53.34 मीटर दर्ज किया गया। सीतामढ़ी के सोनबरसा में झीम नदी का जलस्तर 79.65 मीटर, अधवारा नदी का सुंदरपुर में 61.30 व पुपरी में जलस्तर 53.35 मीटर दर्ज किया गया। इधर, मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने कहा है कि इलाके के सभी तटबंध सुरक्षित हैं। कही भी बाढ़ से स्थिति गंभीर नहीं है।

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