top menutop menutop menu

विश्वविद्यालय में नवनियुक्त अतिथि शिक्षक संघ की सेंट्रल कोर कमेटी गठित

मुजफ्फरपुर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में नवनियुक्त अतिथि शिक्षकों का संघ (बुगटा) कोर कमेटी का गठन कर लिया गया है। वाट्सएप ग्रुप से जुड़े करीब 400 शिक्षकों ने वर्चुअल मीटिंग कर कोर कमेटी के सदस्यों का चयन किया।

कोर कमेटी के सदस्यों में ये लोग हुए शामिल

अध्यक्ष-डॉ. ललित किशोर, इतिहास विभाग, आरडीएस कॉलेज मुजफ्फरपुर, सचिव-डॉ. नितेश कुमार, गणित विभाग, एमएस कॉलेज मोतिहारी, उपाध्यक्ष-डॉ. अनिल धवन, इतिहास विभाग एमएस कॉलेज मोतिहारी, कोषाध्यक्ष-डॉ. दीपक कुमार, इतिहास विभाग एलएस कॉलेज मुजफ्फरपुर, संयुक्त सचिव-डॉ. राघव मणि, इतिहास विभाग एमपीएस कॉलेज मुजफ्फरपुर, कार्यालय सचिव-डॉ. गुंजन कुमार, अर्थशास्त्र विभाग एलएस कॉलेज मुजफ्फरपुर, एजुकेशनल को-ऑíडनेटर-डॉ. कुमार बलवंत सिंह, भौतिकी विभाग एलएस कॉलेज मुजफ्फरपुर।

इन सभी अधिकारियों का चयन वर्चुअल मीटिंग को-ऑíडनेटर डॉ. सुधाशु कुमार वं डॉ. शातनु कुमार के नेतृत्व में हुआ। अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. ललित किशोर ने हर्ष जताते हुए सभी शिक्षकों का आभार जताया। कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है उसका ईमानदारी से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार के विश्वविद्यालयों में अतिथि शिक्षक की नियुक्ति से गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक कार्य की दिशा में सकारात्मक पहल हुई है। बिहार विवि अतिथि शिक्षकगण राजभवन, बिहार सरकार और विश्व विद्यालय की शैक्षणिक गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन करेगा, ताकि गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक माहौल बन सके। विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार सभी अतिथि शिक्षक ऑनलाइन क्लास-ई कंटेंट, वीडियो लेक्चर, यूट्यूब लेक्चर, गूगल मीट के माध्यम से क्लास ले रहे हैं।

स्नातक पार्ट-वन के रिजल्ट का इंतजार बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के छात्र स्नातक पार्ट-वन के रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। कोविड-19 महामारी की परवाह किए बिन छात्र बंदी में विश्वविद्यालय का चक्कर काट रहे हैं। इधर, विवि प्रशासन का कहना है कि रिजल्ट इस वक्त जारी करना मुश्किल हैं। संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पहले सुरक्षा जरूरी है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि अभी कुछ समय लगेगा। छात्र धैर्य बनाए रहें। रिजल्ट आ भी जाता है तो अगली परीक्षा के लिए राजभवन की नई गाइडलाइन के अनुसार होगा। प्रैक्टिकल की परीक्षा संबंधित कॉलेजों में हुई थी। लॉकडाउन से कॉलेजों से मा‌र्क्स नहीं आ पाए थे। इससे रिजल्ट तैयार नहीं हो सका।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.