एक साल 17 तारीख में कोर्ट में पेश नहीं की जा सकी केस डायरी, आरोपितों को अग्रिम जमानत

चोरी के एक मामले में अग्रिम जमानत की सुनवाई के एक साल के दौरान गायघाट थाना पुलिस ने केस डायरी पेश नहीं की।

JagranThu, 29 Jul 2021 03:37 AM (IST)
एक साल 17 तारीख में कोर्ट में पेश नहीं की जा सकी केस डायरी, आरोपितों को अग्रिम जमानत

मुजफ्फरपुर : चोरी के एक मामले में अग्रिम जमानत की सुनवाई के एक साल के दौरान गायघाट थाना पुलिस ने केस डायरी पेश नहीं की। छह साल पुराने इस मामले में आरोपितों की अग्रिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई की 17 तारीख बीत गई। केस डायरी नहीं पेश करने पर एडीजे-9 के कोर्ट ने दो आरोपितों सरोज कुमार व आनंद कुमार की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए गायघाट थानाध्यक्ष के खिलाफ कड़ी टिप्पणी भी की है।

थानाध्यक्ष का जबाव, स्थानांतरण के बाद आइओ ने नहीं सौंपा चार्ज : अग्रिम जमानत की अर्जी पर 17 जुलाई को अंतिम सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक ने गायघाट थानाध्यक्ष को मोबाइल पर काल किया। उन्हें केस डायरी कोर्ट में पेश करने को कहा। इसके जबाव में थानाध्यक्ष ने कहा कि केस के आइओ का स्थानांतरण हो चुका है। स्थानांतरण के बाद आइओ ने केस का प्रभार नहीं सौंपा है। इसलिए कोर्ट में केस डायरी नहीं भेजी जा सकी है।

जबाव से कोर्ट ने जताई नाराजगी, विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश : गायघाट थानाध्यक्ष के इस जबाव से कोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि आइओ के स्थानांतरण के बाद नए आइओ की नियुक्ति का अधिकार थानाध्यक्ष को है। थानाध्यक्ष का जबाव उनकी दयनीय अवस्था व उदासीन रवैया को दर्शाता है। छह साल पुराने इस मामले में पुलिस ने केस की जांच के निष्कर्ष या सुराग के संबंध में कोई जानकारी कोर्ट में नहीं दी है। कोर्ट ने दोनों आरोपितों को दिए गए जमानत आदेश की प्रति को आइजी व एसएसपी को भेजने का आदेश दिया, ताकि गायघाट थाना के संबंधित पुलिस पदाधिकारी व आइओ के खिलाफ विभागीय कार्यवाही व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके।

यह है मामला : घटना 26 जुलाई 2015 की है। दरभंगा फोरलेन पर गायघाट थाना क्षेत्र में स्थित मधु मिलन लाइन होटल के संचालक समरजीत कुमार ने बैट्री चोरी का आरोप लगाते हुए गायघाट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि कार से पहुंचे दिलीप साह, सरोज कुमार और आनंद कुमार ने बैट्री चोरी की। सरोज व आनंद वहां से किसी तरह भाग निकला। दिलीप को पुलिस के हवाले कर दिया गया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि बासी खाना को लेकर लाइन होटल पर विवाद हुआ था। होटल के कर्मचारियों ने तीनों की जमकर पिटाई की। मामले को दूसरा रूप देने के लिए तीनों पर चोरी का आरोप लगाते हुए थाना में प्राथमिकी दर्ज करा दी।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.