आदेश दरकिनार, मध्याह्न भोजन में फल का नहीं दीदार

बगहा [सौरभ कुमार]। मिड डे मील में फल पाने का बच्चों का सपना दो साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। यह हाल एक-दो नहीं बगहा अनुमंडल के 150 से अधिक विद्यालयों में है। कार्रवाई के नाम पर अधिकारी बस आदेश देते हैं। मध्याह्न भोजन योजना के तहत दो अक्टूबर 2016 से बच्चों को बुधवार व शनिवार को खिचड़ी के साथ एक मौसमी फल देना था। इस संबंध में आदेश तो जारी हो गया, लेकिन इसके लिए विभाग ने अलग से राशि की व्यवस्था नहीं की। इस वजह से शिक्षकों के समक्ष फल के लिए राशि की समस्या उत्पन्न हो रही है। फल नहीं देने की शिकायत पर विभाग कई बार चेतावनी पत्र जारी कर चुका है, बावजूद स्थिति यथावत है।

प्रति छात्र मिलती इतनी राशि

कक्षा एक से पांच तक के लिए 4.13 रुपये और कक्षा छह से आठ तक के मिड डे मील के लिए विभाग प्रति छात्र प्रतिदिन 6.18 रुपये आवंटित करता है। इससे चावल के अलावा अन्य भोज्य सामग्री की खरीद की जाती है। फल भी इसी राशि से खरीदना है। इतने में कैसे होगा, यह सोचा नहीं गया। यही कारण है कि बगहा अनुमंडल के 150 से अधिक स्कूलों के बच्चे आज भी फल पाने का इंतजार कर रहे हैं।

मध्याह्न भोजन प्रभारी संतोष कुमार का कहना है कि बगहा दो प्रखंड के अधिकतर विद्यालयों में फल वितरण पर जोर दिया जा रहा है। समय-समय पर विद्यालयों की जांच भी होती है। इसके बावजूद कुछ जगह प्रधान शिक्षकों की लापरवाही के कारण फल वितरण बाधित है। जहां फल का वितरण नहीं हो रहा, वहां के प्रधान शिक्षकों को अंतिम चेतावनी दी गई है। विद्यालयों की औचक जांच होगी। बच्चों को फल नहीं देने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की अनुशंसा होगी।

यह है मध्याह्न भोजन का मेन्यू

सोमवार : चावल, मिश्रित दाल व हरी सब्जी

मंगलवार : जीरा चावल व सोयाबीन-आलू की सब्जी

बुधवार : खिचड़ी (हरी सब्जी युक्त), चोखा, केला या अन्य मौसमी फल

गुरुवार : चावल, मिश्रित दाल व हरी सब्जी

शुक्रवार : पुलाव, काबुली चना, हरा सलाद व अंडा

शनिवार : खिचड़ी (हरी सब्जी युक्त), चोखा, केला या अन्य मौसमी फल

बीईओ सुभाष बैठा ने कहा कि मैं स्वयं तीन प्रखंडों के प्रभार में हूं। बगहा दो, भितहां और ठकराहां में फल वितरण अनिवार्य कर दिया गया है। एमडीएम प्रभारियों को नियमित रूप से जांच करने का आदेश दिया गया है।  

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