BRA Bihar University, Muzaffarpur : इतिहास के पीएचडी कोर्सवर्क का परिणाम जारी

विभागाध्यक्ष डॉ.अजीत कुमार ने बताया कि सितंबर 2020 से मार्च 2021 तक कोर्सवर्क संचालित हुआ था। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के रेगुलेशन 2016 में निर्दिष्ट सप्तस्तरीय मानक के आलोक में 30 प्रतिभागियों को ग्रेड ओ 25 प्रतिभागियों ने ग्रेड ए और एक प्रतिभागी ने ग्रेड बी के साथ सफलता प्राप्त की।

Ajit KumarMon, 14 Jun 2021 10:33 AM (IST)
पीएचडी कोर्सवर्क की परीक्षा का परिणाम रविवार को जारी कर दिया गया।

मुजफ्फरपुर, जासं। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के पीजी इतिहास विभाग की ओर से पीएचडी कोर्सवर्क की परीक्षा का परिणाम रविवार को जारी कर दिया गया। विभागाध्यक्ष डॉ.अजीत कुमार ने बताया कि सितंबर 2020 से मार्च 2021 तक कोर्सवर्क संचालित हुआ था। इसके बाद करीब दो माह पूर्व परीक्षा आयोजित हुई थी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के रेगुलेशन 2016 में निर्दिष्ट सप्तस्तरीय मानक के आलोक में 30 प्रतिभागियों को ग्रेड ओ, 25 प्रतिभागियों ने ग्रेड ए और एक प्रतिभागी ने ग्रेड बी के साथ सफलता प्राप्त की। बताया कि सभी सफल अभ्यर्थियों को एक सप्ताह के भीतर प्रमाणपत्र निर्गत कर दिया जाएगा। बता दें कि परीक्षा के बाद कोरोना संक्रमण बढऩे के कारण विवि और पीजी विभागों को बंद कर दिया गया था। इस कारण परिणाम जारी करने में विलंब हुआ। इधर, अभ्यर्थियों और छात्र नेताओं की ओर से लगातार परिणाम जारी करने को लेकर अधिकारियों से मांग की जा रही थी। 

जिला स्कूल के पूर्व प्राचार्य सुरेंद्र सिन्हा नहीं रहे

जासं, मुजफ्फरपुर : जिला स्कूल के पूर्व प्राचार्य सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा का रविवार को निधन हो गया। कैंसर से पीडि़त होने के बाद महावीर कैंसर संस्थान पटना में उनका इलाज चल रहा था। उनका अंतिम संस्कार सिकंदरपुर में किया गया। निधन पर शिक्षाविदों ने शोक व्यक्त किया है। कहा कि सुरेंद्र बाबू ने एक कुशल शिक्षक के रूप में ख्याति पाई। उनके निधन से शिक्षा जगत को गहरा आघात पहुंचा है।

मास्टर प्लान के बिना स्मार्ट सिटी का सपना अधूरा

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर नागरिक मोर्चा की ओर से रविवार को मालगोदाम चौक पर विरोध सभा का आयोजन किया गया। मोर्चा के मोहन प्रसाद सिन्हा ने शहर में बारिश के बाद जलजमाव और नारकीय हालत पर आक्रोश व्यक्त किया। कहा कि जबतक मास्टर प्लान तैयार कर जल निकासी की व्यवस्था नहीं की जाती। जलजमाव की समस्या से मुक्ति पाना संभव नहीं है। मोतीझील में दर्जनों दुकानों में पानी प्रवेश कर गया, दुकानदारों को लाखों का नुकसान हुआ इसकी क्षति पूर्ति कौन करेगा। नाला उड़ाही के नाम पर सरकारी राशि के बंदरबाट का आरोप लगाया। इस दौरान प्रमोद ङ्क्षसह, रमेश प्रसाद, रामनरेश झा, सुशीला सिन्हा समेत अन्य लोग मौजूद थे।

 

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