मुजफ्फरपुर में दवा के अभाव में ब्लैक फंगस के मरीज का टला ऑपरेशन, मरीजों में आक्रोश

Black fungus in Muzaffarpur एसकेएमसीएच में शनिवार को ब्लैक फंगस के मरीज का ऑपरेशन टाल दिया गया। इस बीच ओपीडी में एक मरीज आया। उसको संदिग्ध मानते हुए प्रारंभिक इलाज शुरू हुआ। वार्ड में दवा के अभाव में नए मरीज को भर्ती नहीं किया गया।

Murari KumarSat, 29 May 2021 07:42 PM (IST)
मुजफ्फरपुर में दवा के अभाव में ब्लैक फंगस के मरीज का टला ऑपरेशन।

मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। एसकेएमसीएच में शनिवार को ब्लैक फंगस के मरीज का ऑपरेशन टाल दिया गया। इस बीच ओपीडी में एक मरीज आया। उसको संदिग्ध मानते हुए प्रारंभिक इलाज शुरू हुआ। वार्ड में दवा के अभाव में नए मरीज को भर्ती नहीं किया गया। पहले से चार मरीज हैं उनका इलाज चल रहा है। तीन मरीजों का ऑपरेशन हो चुका है। उनकी हालत में सुधार है। वरीय सर्जन डॉ.भारतेंदु कुमार के साथ मरीज का ऑपरेशन करने वाले न्यूरो सर्जन डॉ.दीपक कर्ण व अन्य चिकित्सकों वार्ड में पहुंचकर मरीज का हाल लिया।

ऑपरेशन नहीं होने से मायूस हुआ मरीज

विशेष वार्ड में भर्ती अजय कुमार के ऑपरेशन के लिए न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ.दीपक कर्ण पहुंचे, लेकिन उनको जब जानकारी मिली कि ऑपरेशन के बाद मरीज के लिए एक आवश्यक दवा अभी उपलब्ध नहीं है। इस पर उन्होंने पुराने भर्ती मरीज का हालचाल लेकर उचित परामर्श देकर वार्ड से वापस हो गए। डॉ.दीपक कर्ण ने बताया कि तीन मरीजों का ऑपरेशन हुआ है। सबकी सृझबूझ वापस आ गई है और हालत में सुधार हो रहा है। इधर ऑपरेशन नहीं होने से मरीज मायूस हो गया।

पटना एम्स से लौटकर पहुुंचा मरीज

जानकारी के अनुसार विशेष वार्ड में भर्ती एक मरीज पटना एम्स से वापस होकर आया है। उसके स्वजन यहीं पर ऑपरेशन कराना चाहते हैं। डॉ.कर्ण ने बताया कि पटना से वापस आने वाले मरीज को एक जरूरी जांच कराने की सलाह दी गई है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद ऑपरेशन होगा। उन्होंने कहा कि इलाज व ऑपरेशन की यहां पर बेहतर सुविधा होने से लगातार मरीज आ रहे हैं।

दवा देने में मुख्यालय कर रहा भेदभाव

ब्लैग फंगस के लिए एसकेएमसीएच में 35 बेड का वार्ड बनाया गया है। इस बीमारी के लिए अतिमहत्वपूर्ण एम्फोटेरिसीन बी नामक दवा दो सौ वायल राज्य मुख्यालय ने उपलब्ध कराई थी। इधर दो दिनों से ऑपेरशन व इलाज शुरू हुआ। दवा आने से चिकित्सक उत्साहित होकर इलाज व ऑपरेशन में जुटे। इसी बीच राज्य मुख्यालय से एक हजार अतिरिक्त वायल की मांग की गई। राज्य मुख्यालय ने दवा देने के बदले यहां से 70 वायल वापस मंगा लिया। इससे अब यहां पर नए मरीज के इलाज पर संकट है। शनिवार को आउटडोर में एक मरीज आया। उसे संदिग्ध मानते हुए इलाज शुरू किया गया। वहीं चार मरीज भर्ती हैैं, जिनका इलाज चल रहा है।

इस संबंध में एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ.बीएस झा ने कहा कि ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज चल रहा है। सोमवार तक एम्फोटेरिसीन बी दवा आने की उम्मीद है। उसके बाद नए मरीज को भर्ती करने व ऑपरेशन का काम होगा। अभी जिन मरीजों का ऑपरेशन हुआ है उनकी चिकित्सक देखरेख कर रहे हैैं।

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